राजेंद्र राठौड़@जांजगीर-चांपा. छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में अभी काफी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों से जुड़े तमाम दावेदारों ने क्षेत्र में जनसंपर्क से लेकर अपना प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया है। कांग्रेस में जांजगीर-चांपा विधानसभा से टिकट मांगने वालों की लंबी फेहरिस्त है। इस सीट से मौजूदा विधायक समेत तमाम वर्ग के लोग अपनी सशक्त दावेदारी पेश कर रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य ज्योति किशन कश्यप ने भी यहां से अपनी दावेदारी पेश की है। हालांकि शोर-सिफारिश के बजाय वे अपनी किस्मत और परिश्रम के बूते लोगों के बीच लोकप्रियता हासिल कर रही हैं। वे पिछले कुछ समय से क्षेत्र में सक्रिय नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि यदि पिछड़ा वर्ग लॉबी काम आई तो जांजगीर-चांपा विधानसभा सीट से उनकी टिकट पक्की है।
छत्तीसगढ़ का जांजगीर-चांपा विधानसभा सीट हमेशा से हाईप्रोफाइल रहा है। दो दशक के भीतर हुए चार चुनावों में कांग्रेस और भाजपा ने यहां प्रत्याशियों में कोई फेरबदल नहीं किया है। ऐसी स्थिति में एक बार भाजपा समर्थित उम्मीदवार नारायण चंदेल चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचते हैं तो दूसरी बार कांग्रेस के मोतीलाल देवांगन अपना परचम लहराते हैं। दोनों चेहरे परंपरागत हैं, जिन्हें देखते-देखते मतदाता भी अब उब चुके हैं। लिहाजा, जांजगीर-चांपा विधानसभा सीट से प्रत्याशी बदले जाने की मांग लगातार मुखर हो रही है। दोनों पार्टियों में नए चेहरों को अवसर देने की मांग लगातार उठ रही है। कांग्रेस की बात करें तो कार्यकर्ताओं के अलावा अब तो मतदाता भी चाहते हैं कि इस सीट से नए चेहरे के रूप में किसी युवा को अवसर मिले। कुछ इसी तरह की मांग भाजपा के कार्यकर्ताओं की जुबान पर भी है। वैसे तो कांग्रेस में जांजगीर-चांपा सीट से चुनाव लडऩे दर्जनों लोग इच्छुक हैं। मौजूदा विधायक मोतीलाल देवांगन जहां विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर खुद को साबित करने में जुटे हुए हैं। वहीं अन्य दावेदारों ने जनसंपर्क अभियान की शुरूआत कर मतदाताओं को साधना प्रारंभ कर दिया है।
कांग्रेस से मौजूदा विधायक मोतीलाल देवांगन के अलावा इंजी. रवि पाण्डेय, जिला पंचायत सदस्य ज्योति किशन कश्यप, राजेश अग्रवाल सहित कई नाम हैं, जो एक मौके की तलाश में जी-जान से जुटे हुए हैं। टिकट के दावेदार क्षेत्र में आयोजित हो रहे एक भी कार्यक्रम को नहीं छोड़ रहे हैं। वे हर हाल में वहां अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहे हैं, ताकि मतदाता उन्हें बेहतर ढंग से समझ व पहचान सके। इस सीट से दावेदारी पेश करने वाली जिला पंचायत सदस्य ज्योति किशन कश्यप का अंदाज कुछ जुदा है। वे शहरी मतदाताओं के साथ ही ग्रामीण मतदाताओं पर विशेष रूचि ले रही हैं। यही वजह है कि वे ग्रामीण इलाकों में आयोजित प्रत्येक कार्यक्रम में शिरकत कर रही हैं। बहरहाल, पिछले कुछ समय से वे जांजगीर-चांपा विधानसभा क्षेत्र में धुंआधार जनसंपर्क कर रही हैं, जिससे राजनीति में भूचाल आ गई है।
प्राथमिकता के क्रम में नाम
बताया जा रहा है कि पार्टी हाईकमान के समक्ष टिकट को लेकर उन्होंने अब तक कोई शोर-सिफारिश नहीं लगाई है, फिर भी उनका नाम प्राथमिकता के क्रम में है। राज्यसभा सांसद छाया वर्मा से लेकर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष भूपेश बघेल भी उनकी सादगी से खासे प्रभावित हुए हैं, जिसके कारण उनके नाम को उन्होंने आगे बढ़ाया है। ऐसी स्थिति में यह कहा जा सकता है कि यदि जांजगीर-चांपा सीट पर पिछड़ा वर्ग लॉबी हावी होती है तो कांग्रेस से ज्योति किशन कश्यप को टिकट मिलना तय है।
एकदम फ्रैश चेहरा है ज्योति
बलौदाबाजार जिले के ग्राम झबड़ी से खैरताल में विवाह होकर आई ज्योतिकिशन कश्यप ने अपने जीवन में पहली बार वर्ष 2014 में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा। इस चुनाव में लोगों ने उन्हें भरपूर समर्थन दिया और वे सर्वाधिक मतों से विजयी हुई। जिपं सदस्य के रूप में काम करते हुए स्नातक स्तर की शिक्षा ग्रहण करने वाली ज्योति विधानसभा चुनाव को लेकर एकदम फ्रैश चेहरा है, लेकिन उनकी सक्रियता की वजह से कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष भूपेश बघेल तथा राज्यसभा सदस्य छाया वर्मा उनकी मुरीद हुई हैं। बूथ स्तर से मिले सुझावों के आधार पर ज्योति को जांजगीर-चांपा विधानसभा से मैदान में उतारे जाने की प्रबल गुंजाइश है।


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