शनिवार, 27 जनवरी 2018

संसदीय सचिव अंबेश के बजाय पूर्व मंत्री डॉ. महंत को बनाया मुख्य अतिथि, हसदेव लोक महोत्सव में प्रोटोकॉल की उड़ रही खुलेआम धज्जियां

राजेंद्र राठौर@जांजगीर-चांपा. हसदेव लोक महोत्सव एवं औद्योगिक मेला के आयोजन में जिला प्रशासन द्वारा सबकुछ ताक पर रखकर किया जा रहा है। एक ओर जहां आयोजन के नाम पर लूटमार मची हुई है। वहीं दूसरी ओर इस आयोजन में प्रोटोकॉल की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। महोत्सव के समापन समारोह का मुख्य अतिथि पूर्व केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉ. चरणदास महंत को बनाया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ शासन के संसदीय सचिव अंबेश जांगड़े को इसी समारोह का विशिष्ट अतिथि बनाया गया है, जो प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन है, जिसे लेकर प्रशासन के अफसर सवालों के कटघरे में आ गए हैं।

चांपा के भालेराय मैदान में आयोजित हसदेव लोक महोत्सव एवं औद्योगिक मेला में नियम-कायदों की खुलकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। जानकारी के अनुसार, आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह को शुभारंभ अथवा समापन समारोह में मुख्य अतिथि बतौर शिरकत करने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन वे किन्हीं कारणवश समय नहीं दे सके। इस स्थिति में आयोजन समिति के पदाधिकारियों को राज्यपाल, प्रदेश के किसी मंत्री अथवा विधानसभा अध्यक्ष या उपाध्यक्ष से समय मांगना था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और जानबूझकर क्षेत्रीय सांसद कमला पाटले को उद्घाटन समारोह का मुख्यअतिथि बना दिया, जबकि उन्हें भलीभांति मालूम था कि दुर्घटना में घायल सांसद पाटले अभी भी रायपुर के एक अस्पताल में हैं, जिन्हें पूर्ण रूप से स्वस्थ्य होने में अभी समय लग सकता है। सांसद पाटले के नहीं पहुंचने पर स्थानीय स्तर के नेताओं से समारोह का शुभारंभ करवाया जा रहा है, जिसे लेकर चर्चा का बाजार गर्म है। दूसरी ओर, इस महोत्सव का समापन आगामी 29 जनवरी को होना है, जिसके लिए पूर्व केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉ. चरणदास को मुख्य अतिथि बनाया गया है। वहीं संसदीय सचिव अंबेश जांगड़े, छग अंत्यवसायी वित्त निगम के अध्यक्ष निर्मल सिन्हा तथा छग वेबरेज कार्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष युद्धवीर सिंह जूदेव को विशिष्ट अतिथि बनाया गया है। आपको बता दें कि संसदीय सचिव बड़ा पद है। वहीं निगम एवं कार्पोरेशन के अध्यक्ष को राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त है। इसके बावजूद उन्हें समापन समारोह का विशिष्ट अतिथि बनाकर पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. महंत और उनके समर्थकों को खुश करने की कोशिश की गई है, यह साफ तौर पर पता चल रहा है। ऐसे में यहां सवाल उठना लाजिमी है कि लोक महोत्सव के आमंत्रण पत्र में जब आयोजक जिला प्रशासन को बताया गया है तो फिर समापन समारोह में प्रोटोकॉल का खुलेआम उल्लंघन आखिरकार क्यों किया जा रहा है। आमंत्रण पत्र में इस तरह की ढेरों खामियां है, जिसका जवाब जिला प्रशासन के पास नहीं है।
 


चर्चा का विषय बना स्टीकर

हसदेव लोक महोत्सव के आमंत्रण पत्र में आयोजक के ठीक नीचे कलेक्टर जिला जांजगीर-चांपा लिखा हुआ था, जिसे स्टीकर से चिपकाया गया है और उसके ऊपर जिला प्रशासन लिखा गया है। यह स्टीकर चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारों का कहना है कि कलेक्टर और जिला प्रशासन में कोई बड़ा फर्क नहीं है। चूंकि दोनों प्रशासन से संबंधित हैं, इसलिए आमंत्रण पत्र में कलेक्टर की जगह जिला प्रशासन का स्टीकर क्यों लगाया गया है, यह समझ से परे है।

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