व्हाट्सएप्प के रक्तदाता क्रांति समूह से अब तक कईयों को मिला जीवनदान
जांजगीर-चांपा. जब कोई बीमार होकर अस्पताल पहुंचता है तो उसके परिजन हरेक चीजों के लिए काफी मशक्कत करते हैं। खासकर खून की आवश्यकता होने पर परिजनों को कहां-कहां हाथ-पैर मारना नहीं पड़ता, लेकिन ब्लड की जरूरत पडऩे पर अब घबराने की जरूरत नहीं है। अब व्हाट्सअप के रक्तदाता क्रांति समूह पर निवेदन करने पर ब्लड की आवश्यकता पूरी हो जा रही है। दरअसल, सिवनी-चांपा के एक युवा ने समाजसेवा के ध्येय से इस समूह को प्रारंभ किया है। अब इसे काफी बेहतर प्रतिसाद मिलने लगा है। इस समूह के सदस्यों में समाजसेवा के प्रति इतना जुनून है कि वे कहीं भी जाकर रक्तदान करने अमादा हैं। स्मार्ट फोन और व्हाट्सअप के हाथ में आते ही सूचना तंत्र काफी मजबूत हुआ हैं। हालांकि सूचना क्रांति के इस नए साधन का कई लोग दुरूपयोग करने लगे हैं, लेकिन यदि इसका सदुपयोग किया जाए तो समाज के लिए कुछ बेहतर किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से सिवनी-चांपा के महेश राठौर ने करीब सात माह पहले व्हाट्सअप में रक्तदाता क्रांति समूह तैयार किया और देखते ही देखते ही स्वत: लोग इस समूह से जुड़ते चले गए। आज इस समूह से जिला सहित रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ के सवा सौ से ज्यादा लोग जुड़ गए हैं। इस गु्रप में ऐसे संगठन भी हैं, जो रक्तदान करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। समूह के सदस्य जिला सहित रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ व कोरबा जाकर रक्तदान कर चुके हैं। महेश राठौर ने बताया कि रक्तदाता क्रांति समूह बनाने की प्रेरणा राष्ट्रीय तलवारबाजी खिलाड़ी दिव्यांग सुनीता पात्रे और कमलेश देवांगन से मिली। जरूरत पडऩे पर कमलेश ने बिलासपुर से 60 किमी दूर जाकर सुनीता को रक्तदान किया था। यहीं से रक्तदाता क्रांति समूह बनाने की शुरूआत हुई। इस समूह के मार्गदर्शक अशोक तिवारी हैं। प्रारंभ में इस समूह के महज दस सदस्य थे, लेकिन अब इनकी संख्या बढक़र 136 हो चुकी है। महेश का कहना है कि इस समूह का विस्तार पूरे छत्तीसगढ़ में किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंदों को इस ग्रुप के माध्यम से ब्लड मिल सके। हालांकि समाज में कई लोग ऐसे भी हैं जो अनेक भ्रांतियों की वजह से रक्तदान करने से कतराते हैं। ऐसे लोगों को भी जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। क्योंकि रक्तदान से किसी की जिंदगी बचाई जा सकती है और भगवान भी ऐसे लोगों की सेवा करने का अवसर हर किसी को नहीं देता। इसलिए रक्तदान के लिए हर किसी को तत्पर रहना चाहिए। महेश कहते हैं जीते जी रक्तदान, जीते जी नेत्रदान और रक्तदान जीवनदान की संकल्पना को साकार करने और जरूरतमंदों को ब्लड उपलब्ध कराना हमारा मकसद है।
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