शिवरीनारायण. स्थानीय डाकघर के अधिकारी-कर्मचारियों से क्षेत्रवासी परेशान हैं। क्षेत्र के लोगों को समय पर डाक और पार्सल प्राप्त नहीं हो रहा है। वहीं निर्धारित समय से पूर्व डाकघर को बंद कर दिया जाता है। धार्मिक नगरी शिवरीनारायण का डाकघर सबसे पुराना है, जिसका कार्यालय नगर पंचायत के पुराने भवन में संचालित है। इसके न तो खुलने का कोई समय निर्धारित है और न ही बंद होने का। यहां पदस्थ अधिकारी इस शासकीय कार्यालय को निजी कार्यालय की तरह संचालित कर रहे हैं। जब उनकी इच्छा होती है, तब डाकघर खोलते हैं और जब मन होता है बंद कर देते हैं। इससे नागरिकों को भारी परेशानी होती है। समय पर न तो डाक व पार्सल मिल पाता है और नहीं समय पर जा पाता है। ग्राम खोरसी के नंदकिशोर साहू ने बताया कि अंकुर अग्रवाल शिवरीनारायण के मार्फत उसने अपने बेटी के इलाज के लिए अत्यंत आवश्यक दवाई कंपनी से स्पीड पोस्ट द्वारा मंगाई थी। उक्त दवाई का पार्सल तीन दिनों तक डाकघर में पड़ा रहा। लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों ने पार्सल की समय पर न तो डिलीवरी दी और न ही कोई सूचना दी, जिससे हितग्राही को भारी परेशानी हुई। शासकीय नियमानुसार स्पीड पोस्ट पार्सल की डिलीवरी तत्काल की जानी चाहिए। नंदकिशोर साहू ने बताया कि उसकी दवाई शिवरीनारायण डाकघर में 15 मार्च को शाम चार बजे पहुंच गई थी, जिसे तीन दिनों तक रखकर 17 मार्च को दोपहर तीन बजे डिलीवरी दी गई एवं शासन को गुमराह करने के लिए कम्प्यूटर में 15 मार्च को रात्रि 9 बजे पाने वाले का दरवाजा बंद दर्शाया गया। सवाल यह है कि डाकघर से अंकुर अग्रवाल के दुकान की दूरी एक किलोमीटर से भी कम है। फिर डाकिया को प्राप्तकर्ता के घर पहुंचने में पांच घंटे क्यों लगे। इस संबंध में पोस्टमास्टर एमआर पालके ने गोलगोल जवाब देते हुए कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। कर्मचारियों से पूछताछ करेंगे। शुक्रवार शाम को समय से आधा घंटा पूर्व ही डाकघर बंद कर दिया गया था। फोन से संपर्क करने पर डाकघर के प्रमुख कर्मचारी ने बताया कि उनका कार्य पूर्ण हो गया था। इसलिए बंद कर दिया गया।
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