शनिवार, 4 मार्च 2017

अनोखा प्रदर्शन : मुख्यमंत्री को बताया शराब ठेकेदार, मंत्रियों को बताया गद्दीदार

शराब की बोतलों के सामने भाजपा नेताओं का मुखौटा लगा पुतला रखकर जताया विरोध
कांग्रेसियों ने की प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी की मांग, जांजगीर के कचहरी चौक में दिया धरना
जांजगीर-चांपा. छत्तीसगढ़ राज्य में पूर्ण शराबबंदी की मांग जोर पकडऩे लगी है। कांग्रेसियों ने इस मांग को लेकर सीधे राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में शनिवार को जिला मुख्यालय जांजगीर के कचहरी चौक में अनोखे अंदाज में धरना-प्रदर्शन किया गया। कांग्रेसियों ने धरना स्थल पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सहित अन्य भाजपा नेताओं का मुखौटा लगा हुआ पुतला रखकर उन्हें शराब विक्रेता बताया और प्रदेश को गर्त में धकेलते हुए लोगों को शराबी बनाने का उन पर सीधा आरोप लगाया।
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के प्रभारी अध्यक्ष रमेश पैगवार ने कहा कि रमन सरकार प्रदेशवासियों को शराबी और निकम्मा बनना चाहती है। जिस प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी की मांग उठ रही है, हद की बात है कि वहां के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह स्वयं शराब बेचने का अजीबो-गरीब निर्णय ले रहे हैं। ऐसे मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। इन्हें अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। युवक कांग्रेस अध्यक्ष प्रिंस शर्मा ने कहा कि सरकार प्रदेश का माहौल खराब कर रही है। शराब दुकान खुलवाने के लिए प्रशासनिक अमला सारी हदों को पार कर रहा है। शराब दुकान खोलने के लिए स्कूल, कॉलेज और ऐसे सार्वजनिक स्थलों का चयन किया गया है, जहां लोगों का चौबीसों घंटे आना-जाना होता है। सरकार को अपने इस फैसले को तत्काल वापस लेना चाहिए। जिला पंचायत के पूर्व सदस्य दिनेश शर्मा ने कहा कि कांग्रेस द्वारा प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा है। सरकार, शराब दुकानों के स्वयं संचालन का निर्णय लेकर जनता के साथ अन्याय कर रही है। हमारी मांग है कि राज्य में पूर्ण शराबबंदी हो। अगर ऐसा नहीं हुआ तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करने बाध्य होगी। धरना को कांग्रेस सचिव शशिकांता राठौर, नपा की पूर्व उपाध्यक्ष नीता थवाईत, आभाष बोस, विवेक सिसोदिया सहित अन्य कांग्रेसियों ने संबोधित किया। इसके बाद जिला प्रशासन को राज्यपाल के नाम पर ज्ञापन सौंपा गया।

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