जांजगीर-चांपा. स्टाम्प में कूटरचना कर लाखों की जमीन हड़पने वाले जमीन दलाल साजनमल बजाज को कोतवाली पुलिस रविवार की सुबह पूछताछ के लिए थाने लाई थी। नियमत: आरोपी से थाने में ही पूछताछ कर आगे की कार्रवाई पूरी की जानी थी, लेकिन कोतवाली के जिम्मेदार अपने कर्तव्य से विमुख होकर इस मामले को रफा-दफा करने में जुट गए। दोनों पक्षों को पास बिठाकर वे घंटों तक सौदेबाजी करते रहे। इसकी खबर जब मीडिया तक पहुंची और कुछ मीडियाकर्मी कोतवाली थाना पहुंचे तो जिम्मेदार गोलमोल जवाब देकर खुद को पाक साफ बताने लगे।
दरअसल, जांजगीर के वार्ड क्रमांक 22 निवासी हरिहर आदित्य (39) पिता अमर प्रसाद आदित्य ने पेड्री निवासी अभराम कुर्मी से वर्ष 2010 में 95 डिसमिल जमीन खरीदी थी। इसके कुछ दिन बाद जांजगीर निवासी साजनमल बजाज ने जिला कोषालय से जारी स्टाम्प को 21 सितंबर 2010 की तिथि में स्टाम्प वेंडर गिरधर गोपाल से मिलीभगत कर अभराम कुर्मी के नाम पर खरीदा। इसके बाद उसने 24 सितंबर को उस स्टाम्प पर इकरारनामा करा लिया। उसी इकरारनामा के आधार पर साजनमल बजाज ने व्यवहार न्यायालय में वाद दायर किया और 11 अक्टूबर 2012 को खसरा नंबर 1074/1 में स्थित 2 एकड़ 59 डिसमिल जमीन को अपने नाम पर करा लिया। न्यायालय ने 15 मई 2015 को हरिहर आदित्य के नाम पर हुई रजिस्ट्री
को शून्य घोषित कर दिया। इस मामले की शिकायत पीडि़त हरिहर आदित्य ने
जांजगीर थाने में की थी।
जांच पूरी करने के बाद जांजगीर पुलिस ने सप्ताह भर पहले इस मामले में जमीन दलाल साजनमल बजाज, स्टाम्प वेंडर गिरधर गोपाल सहित आधा दर्जन लोगों के खिलाफ भादवि की धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी के तहत जुर्म दर्ज किया। कोतवाली पुलिस इस मामले के मुख्य आरोपी जमीन दलाल साजनमल बजाज को पूछताछ के लिए रविवार की सुबह करीब 11.30 बजे थाने लेकर आई थी। बताया जा रहा है कि इस मामले के मुख्य आरोपी साजनमल बजाज से पूछताछ करने के बजाय कोतवाली थाने के प्रमुख ने वहां प्रार्थी हरिहर आदित्य को भी बुलवा लिया और दोनों पक्ष को एक-साथ बिठाकर मामले को रफा-दफा करने में जुट गए। इस बात की भनक जब कुछ मीडियाकर्मियों को ली, तब वे कोतवाली थाना पहुंचे तो मुख्य आरोपी साजनमल बजाज को वहां से अन्यत्र भेज दिया गया, जबकि मुख्य आरोपी के कई रिश्तेदार थाने के आसपास ही मंडरा रहे थे।


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें