रविवार, 23 अप्रैल 2017

जमीन दलाल साजनमल को पूछताछ के लिए लेकर आए कोतवाली और शुरू कर दी सेटिंग !

जांजगीर-चांपा. स्टाम्प में कूटरचना कर लाखों की जमीन हड़पने वाले जमीन दलाल साजनमल बजाज को कोतवाली पुलिस रविवार की सुबह पूछताछ के लिए थाने लाई थी। नियमत: आरोपी से थाने में ही पूछताछ कर आगे की कार्रवाई पूरी की जानी थी, लेकिन कोतवाली के जिम्मेदार अपने कर्तव्य से विमुख होकर इस मामले को रफा-दफा करने में जुट गए। दोनों पक्षों को पास बिठाकर वे घंटों तक सौदेबाजी करते रहे। इसकी खबर जब मीडिया तक पहुंची और कुछ मीडियाकर्मी कोतवाली थाना पहुंचे तो जिम्मेदार गोलमोल जवाब देकर खुद को पाक साफ बताने लगे। 
 
दरअसल, जांजगीर के वार्ड क्रमांक 22 निवासी हरिहर आदित्य (39) पिता अमर प्रसाद आदित्य ने पेड्री निवासी अभराम कुर्मी से वर्ष 2010 में 95 डिसमिल जमीन खरीदी थी। इसके कुछ दिन बाद जांजगीर निवासी साजनमल बजाज ने जिला कोषालय से जारी स्टाम्प को 21 सितंबर 2010 की तिथि में स्टाम्प वेंडर गिरधर गोपाल से मिलीभगत कर अभराम कुर्मी के नाम पर खरीदा। इसके बाद उसने 24 सितंबर को उस स्टाम्प पर इकरारनामा करा लिया। उसी इकरारनामा के आधार पर साजनमल बजाज ने व्यवहार न्यायालय में वाद दायर किया और 11 अक्टूबर 2012 को खसरा नंबर 1074/1 में स्थित 2 एकड़ 59 डिसमिल जमीन को अपने नाम पर करा लिया। न्यायालय ने 15 मई 2015 को हरिहर आदित्य के नाम पर हुई रजिस्ट्री को शून्य घोषित कर दिया। इस मामले की शिकायत पीडि़त हरिहर आदित्य ने जांजगीर थाने में की थी।
 
 
जांच पूरी करने के बाद जांजगीर पुलिस ने सप्ताह भर पहले इस मामले में जमीन दलाल साजनमल बजाज, स्टाम्प वेंडर गिरधर गोपाल सहित आधा दर्जन लोगों के खिलाफ  भादवि की धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी के तहत जुर्म दर्ज किया। कोतवाली पुलिस इस मामले के मुख्य आरोपी जमीन दलाल साजनमल बजाज को पूछताछ के लिए रविवार की सुबह करीब 11.30 बजे थाने लेकर आई थी। बताया जा रहा है कि इस मामले के मुख्य आरोपी साजनमल बजाज से पूछताछ करने के बजाय कोतवाली थाने के प्रमुख ने वहां प्रार्थी हरिहर आदित्य को भी बुलवा लिया और दोनों पक्ष को एक-साथ बिठाकर मामले को रफा-दफा करने में जुट गए। इस बात की भनक जब कुछ मीडियाकर्मियों को ली, तब वे कोतवाली थाना पहुंचे तो मुख्य आरोपी साजनमल बजाज को वहां से अन्यत्र भेज दिया गया, जबकि मुख्य आरोपी के कई रिश्तेदार थाने के आसपास ही मंडरा रहे थे।
 

तीन घंटे तक चला खेल

सौदेबाजी का यह खेल करीब तीन घंटे तक चला, तब तक मुख्य आरोपी साजनमल बजाज वहां नजर नहीं आया। बताया जा रहा है कि दोपहर ढाई बजे मीडियाकर्मियों के वहां से जाने के बाद भी कोतवाली पुलिस इस मामले को रफा-दफा करने हरसंभव कोशिश करती रही। इससे कोतवाली पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। यहां बताना लाजिमी होगा कि यह पहला मामला नहीं है, जिसमें कोतवाली पुलिस पर लेनदेन कर मामला निपटाने का आरोप लगा है। इससे पहले भी कई गंभीर मामलों को लेनदेन कर निपटाने के आरोप में खाकी दागदार हुई है।
 

कूटरचना कर हड़पी जमीन

प्रार्थी हरिहर को उसके नाम पर हुई जमीन की रजिस्ट्री शून्य घोषित होने संबंधी नोटिस जब प्राप्त हुआ तो उसने न्यायालय से स्टाम्प में हुई लिखापढ़ी की जानकारी हासिल की, जिससे उसके होश उड़ गए। स्टाम्प क्रमांक एफ-425963 में कूटरचना कर उसके नाम की जमीन साजनमल बजाज ने अपने नाम पर करवा ली थी। इसके बाद प्रार्थी हरिहर आदित्य ने इसकी शिकायत 27 दिसंबर 2016 को जांजगीर थाने में की, जिस पर पुलिस जांच कर रही थी।
 

पूछताछ के लिए बुलवाया

आरोपी साजनमल बजाज को रविवार की सुबह पूछताछ के लिए थाना बुलवाया गया था। आरोपियों की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है। पुलिस निष्पक्ष तरीके से अपना काम कर रही है। मामला रफा-दफा करने का आरोप बेबुनियाद है।

-बीएस खुंटिया, निरीक्षक, थाना जांजगीर

 

अभी नहीं हुई कोई गिरफ्तारी

स्टाम्प में कूटरचना कर लाखों की जमीन हड़पने के मामले में साजनमल बजाज सहित छह लोगों के खिलाफ जालसाजी का अपराध दर्ज किया गया है। अभी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे अधिक जानकारी नहीं है। मामले के संबंध में यदि कोई और जानकारी चाहिए तो कोतवाली थाना प्रभारी से बात कर लीजिए।

-केके द्विवेदी, एएसआई एवं विवेचक

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें