गुरुवार, 15 जून 2017

सपोस की महिलाओं ने घेरा एसडीएम कार्यालय, शराब की बिक्री जल्द बंद नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

डभरा. ग्राम सपोस में शासकीय शराब दुकान संचालित नहीं है। इसके बावजूद वहां कोचियों द्वारा देसी व विदेशी तथा कच्ची महुआ शराब की खुलेआम बिक्री की जा रही है। इससे आक्रोशित गांव की महिलाओं ने गुरूवार को डभरा स्थित एसडीएम कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान महिलाओं ने एसडीएम रीता यादव को ज्ञापन सौंपकर गांव में शराब की अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने की मांग की।

डभरा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत सपोस की महिलाएं गांव में हो रही शराब की अवैध बिक्री से त्रस्त हैं। गांव में लाइसेंसी शराब दुकान संचालित नहीं होने के बावजूद जगह-जगह देसी, विदेशी और कच्ची महुआ शराब की बिक्री कोचियों द्वारा खुलेआम की जा रही है। इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की मांग को लेकर गांव की दर्जनों महिलाएं एकजुट होकर गुरूवार को विकासखंड मुख्यालय डभरा स्थित एसडीएम कार्यालय पहुंची। महिलाओं ने एसडीएम कार्यालय का घेराव कर ग्राम सपोस में पूर्णत: शराबबंदी की मांग की। इसके बाद महिलाओं ने एसडीएम रीता यादव से मुलाकात कर उन्हें मांग के संबंध में ज्ञापन सौंपा। गांव की अमरमती पटेल, शशी पटेल, द्रोपती पटेल, सुमित्रा पटेल, रत्ना महंत, संध्या चौहान, फूलकुमारी बरेठ, केकती पटेल आदि ने एसडीएम यादव को सौंपे हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन में कहा है कि ग्राम पंचायत सपोस में शासकीय शराब दुकान संचालित नहीं है, फिर भी प्रतिदिन कोचियों द्वारा देसी, विदेशी और कच्ची महुआ शराब की खुलेआम बिक्री की जा रही है, जिसका विरोध उन्होंने पूर्व में रैली निकालकर किया था। 

रैली में गांव के सरपंच, मितानीन तथा अधिकांश महिलाएं शामिल हुए थे। सरपंच ने सार्वजनिक तौर पर मौखिक रूप से आम सभा बुलाकर सभी को हिदायत दी थी कि गांव में किसी प्रकार का कोई अवैध शराब न बेची जाए, लेकिन कोचियों द्वारा सरपंच की हिदायत को नजरअंदाज कर गांव में शराब की बिक्री की जा रही है, जिससे गांव में अशांति फैल रही है। ऐसे में भविष्य में होने वाली किसी अनहोनी से बचने के लिए अवैध शराब की बिक्री करने वालों के विरूद्ध तत्काल कानूनी कार्यवाही करने की आवश्यकता है। महिलाओं ने ज्ञापन के जरिए चेतावनी दी है कि यदि दस दिनों के भीतर ग्राम पंचायत सपोस में शराब की अवैध बिक्री बंद नहीं होती है तो वे भूख हड़ताल करने बाध्य होंगी, जिसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी। ज्ञापन की प्रति कलेक्टर, एसडीओपी चंद्रपुर, थाना प्रभारी डभरा तथा आबकारी अधिकारी को भी प्रेषित की गई है।

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