डभरा. विकासखंड क्षेत्र में मवेशियों की तस्करी बड़ा रूप ले चुकी है। गुरूवार की शाम तब इसका खुलासा हुआ, जब क्षेत्र से कुछ लोग डेढ़ दर्जन मवेशियों को हांककर ले जाते दिखे। मवेशी ले जा रहे लोगों से जब मवेशियों की रसीद मांगी गई तो उन्होंने केवल आधा दर्जन मवेशियों की रसीद दिखाई। शेष मवेशियों का उनके पास कोई कागजात नहीं था। मामले की जानकारी स्थानीय थाना प्रभारी के अलावा एसडीएम को दी गई है।
गुरूवार की शाम विकासखंड मुख्यालय डभरा से कुछ लोग करीब डेढ़ दर्जन मवेशियों को हांकते हुए ले जा रहे थे। मवेशी ले जा रहे लोगों की गतिविधियों को देखकर स्थानीय मीडियाकर्मियों को संदेह हुआ, तब उन्हें रोककर पूछताछ की गई। मवेशी ले जाने वाले लोग पहले तो गोलमोल जवाब देने लगे, लेकिन मीडियाकर्मियों ने जब कानून का भय दिखाया तो उन्होंने करीब आधा दर्जन मवेशियों की रसीद अपने पास होने की बात कहते हुए रसीद सामने रखी। पूछताछ में पता चला कि शेष मवेशियों की रसीद उनके पास नहीं है। इससे संदेह गहरा गया। मवेशी ले जा रहे लोगों से पूछताछ में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि वे पिछले कुछ सालों से इस कारोबार में लगे हुए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि डभरा क्षेत्र में मवेशियों की तस्करी का यह कारोबार सत्तापक्ष से जुड़ी एक नेत्री के करीबी की शह पर चल रहा है। इसलिए उनके खिलाफ अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। इस पूरे मामले को कैमरे में कैद करने के बाद मीडियाकर्मियों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी डभरा थाना प्रभारी तथा एसडीएम को दी। थाना प्रभारी एवं एसडीएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मवेशी तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की बात कही है। बहरहाल, डभरा क्षेत्र से रायगढ़ तथा अन्य जिलों में मवेशियों की तस्करी का यह खेल सत्तापक्ष से जुड़े लोगों के संरक्षण में खुलेआम चल रहा है। इसलिए ऐसे मामलों में अब तक किसी के खिलाफ कार्यवाही नहीं हो सकी है।

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