जांजगीर-चांपा. जिले के अकलतरा विकासखंड को आगामी एक जुलाई को ओडीएफ ब्लॉक घोषित करने का दावा प्रशासनिक अफसरों द्वारा किया जा रहा है, लेकिन इस विकासखंड के अधिकांश ग्राम पंचायतों में अब तक लक्ष्य के अनुरूप शौचालय नहीं बने हैं। ग्राम पंचायत भैसतरा में सरपंच और सचिव ने तो स्वच्छ भारत मिशन की धज्जियां ही उड़ा दी है। यहां शौचालय निर्माण के नाम पर जमकर भर्राशाही की गई है।
लोगों को खुले में शौच करने से रोकने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन चलाया जा रहा है, ताकि घरों में शौचालय बनने के बाद लोग खुले में शौच के लिए न जाए। जिला पंचायत के अधिकारियों का दावा है कि इसके लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है। अफसरों की मानें तो शौच क्रिया शौचालय में ही करने के लिए लोगों को उसकी उपयोगिता के साथ लाभ बताए जा रहे हैं। गांव में चौपाल के अलावा स्वच्छता आधारित फिल्म के माध्यम से भी लोगों को बताया जा रहा है कि किस तरह से शौचालय के उपयोग से बीमारियों से बचा जा सकता है। गांव स्वच्छ एवं साफ-सुथरा रहे, यही इस अभियान का लक्ष्य है। मगर अकलतरा विकासखंड के ग्राम पंचायत भैसतरा में शौचालय निर्माण के नाम पर सरपंच और सचिव द्वारा जमकर भर्राशाही की गई है। इस गांव के अधिकांश घरों में अब तक शौचालय का निर्माण नहीं हुआ है। वहीं जिन घरों में शौचालय बनाए गए हैं, वे अनुपयोगी हैं। किसी शौचालय में सीट नहीं लगी है तो किसी में छत नहीं डला है। कुछ घरों में शौचालय के नाम पर केवल एक टंकी निर्माण करवाकर तीन फीट की दीवार खड़ी करवा दी गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम भैसतरा में शौचालय निर्माण के नाम पर सरपंच और सचिव ने जमकर भर्राशाही की है। ऐसे में एक सवाल उठता है कि यदि इस गांव में लक्ष्य के अनुरूप अब तक शौचालय का निर्माण हुआ ही नहीं है तो आगामी एक जुलाई को इस गांव समेत पूरे विकासखंड को आखिर किस आधार पर ओडीएफ घोषित करने का दावा जिला पंचायत के अफसरों द्वारा किया जा रहा है।
शत्-प्रतिशत् निर्माण का दावा
जिला पंचायत सीईओ अजीत वसंत की मानें तो अकलतरा और पामगढ़ विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में शत्-प्रतिशत् शौचालय बनकर तैयार हो चुके हैं, लेकिन शौचालय की उपयोगिता अभी सुनिश्चित की जा रही है। सीईओ वसंत का कहना है कि जिले में बन रहे शौचालय की उपयोगिता पहले सुनिश्चित की जाएगी, उसके बाद ही उस ग्राम पंचायत को ओडीएफ घोषित किया जाएगा। उनका यह भी कहना है कि अकलतरा एवं पामगढ़ विकासखण्ड ओडीएफ की ओर आगे बढ़ रहे हैं।
लगातार की जा रही मानीटरिंग
जिपं सीईओ वसंत का कहना है कि प्रदेश को 2 अक्टूबर 2018 तक खुले में शौचमुक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जिले की 631 ग्राम पंचायत को खुले में शौचमुक्त ग्राम पंचायत बनाने की दिशा में अग्रसर हैं। मालखरौदा विकासखण्ड ओडीएफ हो चुका है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं महात्मा गांधी नरेगा से शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। एसबीएम के विकासखण्ड समन्वयक एवं मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी व तकनीकी सहायक लगातार शौचालय की मानीटरिंग कर रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द जिले को खुले में शौचमुक्त किया जा सके।

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