शुक्रवार, 16 जून 2017

डभरा क्षेत्र में चांदी काट रहे मवेशी तस्कर, इलाके के मवेशियों को ट्रक में भेज रहे दीगर राज्य, भाजपा के एक छुटभैय्या नेता के संरक्षण में अवैध कारोबार

जांजगीर-चांपा. जिले के डभरा क्षेत्र में मवेशी तस्करों की चांदी कट रही है। क्षेत्र के भोले-भाले पशुपालकों को समझा-बुझाकर सस्ते दामों में मवेशियों की खरीद कर ट्रक भर-भर कर इलाके से मवेशियों को दीगर राज्य भेजा जा रहा है। यह गोरखधंधा क्षेत्र में लंबे समय से धड़ल्ले से चल रहा है। खास बात यह है कि इस अवैध कारोबार का संचालन भाजपा का एक छुटभैय्या नेता कर रहा है। उसके खिलाफ मवेशी तस्करी की दर्जनों शिकायतें हैं, लेकिन पुलिस व प्रशासनिक अमला कार्यवाही करने रूचि नहीं ले रहा है।

मवेशी तस्करी की रोकथाम के लिए केन्द्र सरकार ने हाल ही में एक कड़ा कानून बनाया है। उसके बाद भी मवेशी तस्करी की घटनाओं को रोकने में सफलता नहीं मिल रही है। खासकर, जिले के डभरा इलाके में आए दिन मवेशी तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। डभरा क्षेत्र को पशु तस्करों ने कारिडोर बना लिया है। जिले के विभिन्न इलाकों से मवेशियों को लाकर डभरा होते हुए आसपास के राज्यों में पहुंचाया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला गुरूवार की शाम सामने आया, जब कुछ लोगों को मीडियाकर्मियों ने डेढ़ दर्जन मवेशियों को हांकते हुए रोककर पूछताछ की, तब वे गोलमोल जवाब देने लगे। जब उनसे मवेशियों के कागजात मांगे गए तो करीब आधा दर्जन मवेशियों के कागजात ही तस्करों ने अपने पास होने की बात करते हुए कागजात दिखाए। 

मवेशी तस्करों ने मीडियाकर्मियों को बताया कि डभरा क्षेत्र में मवेशी तस्करी का यह काराबोर भाजपा के एक नेता के संरक्षण में लंबे समय से चल रहा है। मवेशी तस्करों से संपूर्ण जानकारी लेने के बाद मीडियाकर्मियों ने मामले की जानकारी डभरा थाने के अलावा स्थानीय एसडीएम को दी, तब अधिकारियों ने मामले की जांच करवाकर कार्यवाही करने की बात कही। बताया जा रहा है कि इस मामले की जानकारी जैसे ही उस छुटभैय्या नेता तक पहुंची, तब उसने मीडियाकर्मियों को मोबाइल पर कॉल करके इस पचड़े में न पडऩे की चेतावनी दी। साथ ही यह भी कहा कि उसके खिलाफ कोई अधिकारी कार्यवाही नहीं कर सकते, क्योंकि उसकी सांठगांठ सभी अधिकारियों से है। छुटभैय्या नेता की बातों से ऐसा लग रहा है कि सचमुच प्रशासनिक अमला उसकी मुट्ठी में है, तभी तो इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगा पाने प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी विफल साबित हो रहे हैं।

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