जांजगीर-चांपा. जिले को खुले में शौच मुक्त बनाने की दिशा में नगरीय निकायों, जनपदों और ग्राम पंचायतों में सतत रूप से प्रयास जारी है। इसी कड़ी में शनिवार को विकासखण्ड मुख्यालय सक्ती के शासकीय हाईस्कूल के सभाकक्ष में स्वच्छता प्रेरकों का सम्मेलन और उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन और जिला पंचायत सीईओ अजीत वसंत ने हिस्सा लिया।
इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. भारतीदासन ने ग्राम पंचायतों में चल रहे शौचालय निर्माण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने शौचालय निर्माण कार्य में धीमी प्रगति पर सक्ती जनपद के अंतर्गत चार ग्राम पंचायत सचिवों को निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा है कि आगामी सितंबर माह तक सक्ती ओडीएफ हो जाना चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि स्वच्छता प्रेरकों के माध्यम से ग्रामीणों को इस तरह प्रोत्साहित किया जाना चाहिए कि वे स्वयं अपने घरों में शौचालय का निर्माण करें। इससे शौचालय निर्माण की गुणवत्ता पर हितग्राही की रूचि रहेगी। डॉ. भारतीदासन ने कहा कि आज विकास के दौर में घर में शौचालय होना और स्वच्छता को अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शौचालय का निर्माण पूर्ण होने पर हितग्राहियों के बैंक खातों में प्रति हितग्राही प्रोत्साहन राशि 12 हजार रुपए जिला पंचायत द्वारा ट्रांसफर कर दी जाएगी। कलेक्टर ने बताया कि विकासखण्ड मालखरौदा में शौचालय बनाने वाले करीब 19 हजार हितग्राहियों को प्रोत्साहन राशि दी जा चुकी है। कार्यक्रम में सक्ती जनपद की सदस्य निर्मला चौहान, लीला दिवाकर, सक्ती एसडीएम इंद्रजीत वर्मन, तहसीलदार रजनी छड़ीमनी, जनपद सीईओ एसएस पोयाम, सीएमओ रंजना अग्रवाल तथा ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिव शामिल हुए।

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