राजेन्द्र जायसवाल @ चाम्पा. नगरपालिका परिषद चांपा के कामों में गड़बड़झाला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अस्थायी दखल के नाम पर चारपहिया वाहन चालकों से लूट-खसोट और अन्य विकास कार्यों के टेण्डर में गफलत का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब पार्षद नीधि से विद्युत सामग्री खरीदी में लाखों की गड़बड़ी का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि सीएमओ ने नपा में आपूर्ति की गई विद्युत सामग्री का भौतिक सत्यापन कराए बगैर ही ठेकेदार को आठ लाख रुपए का भुगतान कर दिया है।
इस मामले को लेकर नपा के कई पार्षदों ने सीएमओ पर कमीशनखोरी का आरोप लगाया है। उन्होंने कलेक्टर से शिकायत करते हुए इस पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। नगरपालिका परिषद चांपा के पार्षदों द्वारा कलेक्टर को सौंपे गए शिकायती पत्र के मुताबिक, नगरपालिका चांपा में आठ लाख की लागत से विद्युत सामग्री खरीदी के लिए सीएमओ ज्योत्सना टोप्पो ने 24 जून को जांजगीर के शिवम इंटरप्राइजेज को आर्डर दिया। सीएमओ टोप्पो ने इसी दिन ही कार्य आदेश बनवा दिया। दो दिन सरकारी छुट्टी होने के कारण 27 जून को आठ लाख का सामान नगर पालिका पहुंचा। कायदे से समान की गुणवत्ता जांचने तथा संख्या मिलान के लिए नगरपालिका के इंजीनियरों के अलावा पार्षदों से भौतिक मूल्यांकन और सत्यापन कराया जाना था, लेकिन सीएमओ टोप्पो ने ठेकेदार पर मेहरबानी जताते हुए फाइल सीधे आडिटर के पास भुगतान के लिए भेज दी।
सीएमओ टोप्पो से हरी झंडी मिलने के बाद आडिटर ने भुगतान के लिए आदेश जारी कर दिया। पार्षदों का आरोप यह भी है कि सीएमओ टोप्पो ने ठेकेदार को भुगतान भी कर दिया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि पार्षदों ने जब नपा में प्राप्त विद्युत सामग्री का सत्यापन किया तो लगभग दो लाख रुपए का समान कम निकला। वहीं नपा के आवक-जावक पंजी में क्रमांक 1475 और 1476 खाली जगह छोडक़र रखा गया है, जिसमें इसी भुगतान का ब्यौरा दर्ज करने की योजना बनाई गई है। पार्षदों ने कलेक्टर से इस मामले की बारीकी से जांच कराकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
संभाग में वर्षों से चल रहा फर्जीवाड़ा का खेल
जिले के नगरीय निकायों में विद्युत सामग्री आपूर्ति में फर्जीवाड़ा का यह खेल वर्षों से चल रहा है। बताया जाता है कि नपा चांपा की सीएमओ ने भुगतान को लेकर जिस ठेकेदार पर दरियादिली दिखाई है, वह ठेकेदार काफी शातिर और चालाक है। नगरीय प्रशासन विभाग में उसकी तगड़ी सेटिंग है, जिसकी वजह से बिलासपुर और सरगुजा संभाग के पूरे नगरीय निकायों में विद्युत सामग्री आपूर्ति का ठेका उसे ही हर बार मिलता है। बताया यह भी जाता है कि उसने सामग्री आपूर्ति में हर बार गड़बड़ी की है। बावजूद इसके, संबंधित निकाय से उसे शत्-प्रतिशत भुगतान किया गया है।
जांजगीर में आपूर्ति, जशपुर में निविदा प्रकाशन
पार्षद नीधि से विद्युत सामग्री क्रय करने के लिए नगरपालिका परिषद जांजगीर-नैला से कुछ माह पहले निविदा जारी की गई थी। इस निविदा का प्रकाशन जांजगीर-चांपा जिले के समाचार पत्रों में कराना था, लेकिन जांजगीर के शिवम इंटरप्राइजेज के संचालक ने नपा सीएमओ से सांठगांठ कर निविदा का प्रकाशन जशपुर जिले के समाचार पत्र में करवा दिया, जिससे यहां के कई ठेकेदार निविदा भरने से वंचित हो गए। इसका खुलासा तब हुआ, जब नपा ने शिवम इंटरप्राइजेज को सामग्री आपूर्ति का आर्डर जारी किया। इसकी जानकारी होने पर अन्य ठेकेदारों ने पूरे मामले की शिकायत कलेक्टर से की, तब नपा सीएमओ को आनन-फानन में निविदा रद्द करनी पड़ी।
ठेकेदार को नहीं हुआ है राशि का भुगतान
विद्युतीकरण सामग्री की प्रदायगी के लिए टेण्डर निकाला गया था। सामग्री की आपूर्ति हुई है, लेकिन संबंधित ठेकेदार को राशि का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। जिन पार्षदों ने भुगतान होने की जानकारी मीडिया को दी है, वे झूठ बोल रहे हैं।

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