डोलकुमार निषाद @ डभरा. जनपद पंचायत डभरा में पदस्थ सहायक आंतरिक लेखा परीक्षण एवं करारोपण अधिकारी तथा लिपिक द्वारा जनपद सीइओ के फर्जी हस्ताक्षर से 28 लाख 99 हजार सात सौ अड़सठ रुपए गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में दोनों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने के लिए जनपद सीईओ ने बीते 31 जुलाई को डभरा थाना प्रभारी को पत्र लिखा है।
जनपद पंचायत डभरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने थानेदार को सौंपे पत्र में कहा है कि जनपद पंचायत डभरा में सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत संचालित विभिन्न पेंशन योजनाओं की माह जुलाई 2015 से सितम्बर 2015 तक कुल तीन माह की राशि 11 लाख 50 हजार 800 रुपए इलाहाबाद बैंक शाखा डभरा में पेंशन योजना के लिए संचालित खाता क्रमांक 50163641991 में जमा न किया जाकर उन्हें अंधेरे में रखते हुए तत्कालीन सहायक आंतरिक लेखा परीक्षण एवं करारोपण अधिकारी बसंत कुमार यादव एवं सहायक गे्रड तीन केशव प्रसाद पटेल द्वारा जिला सहकारी बैंक डभरा के खाता क्रमांक 106000338139 में जमा किया गया तथा उक्त राशि 11 लाख सैंतीस हजार एक सौ रुपए का नगद आहरण उनका फर्जी हस्ताक्षर कर चेक के माध्यम से अलग-अलग तिथियों में कर लिया गया, जिसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय दल गठित की गई थी।
जांच प्रतिवेदन के आधार पर फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई, तब उनहें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। नोटिस के जवाब में सहायक ग्रेड तीन केशव प्रसाद पटले ने अपनी गलती लिखित में स्वीकार करते हुए अपने स्वयं के खाते का 5 लाख 53 हजार 300 रुपए का चेक संलग्र कर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करते हुए क्षमा याचना की गई। इसी प्रकार सहायक आंतरिक लेखा परीक्षक बसंत कुमार यादव ने भी अपनी गलती स्वीकार करते हुए एक्सिस बैंक में संचालित स्वयं के खाते से 5 लाख 83 हजार 500 रुपए एवं 300 रुपए का चेक संलग्र कर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करते हुए क्षमा याचना की गई।
साथ ही ज्येष्ठ संपरीक्षक स्थानीय निधि संपरीक्षा बिलासपुर के पत्र की कंडिका क्रमांक 4 में बैंक स्टेटमेंट से आहरण राशि एवं रोकड़ बही में अंकित राशि चार लाख 68 हजार 838 रुपए का अंतर उल्लेख करते हुए प्रकरण की समुचित जांच कर यदि प्रभक्षण की स्थिति होने से आहरणकर्ता अधिकारी/कर्मचारी से वसूली की जाकर जनपद पंचायत निधि में जमा कर संपरीक्षा को अवगत कराने का उल्लेख किया गया, जिसके परिपालन में तीन सदस्यीय जांच दल गठित कर समुचित जांच कराई गई। जांच दल के प्रतिवेदन से 1 लाख 83 हजार रुपए का पुन: फर्जी आहरण होना पाया गया, जिसके कारण फिर से जनपद के सभी खातों की जांच करवाई गई। जांच से खुलासा हुआ कि दोनों ने मिलकर विभिन्न मदों की राशि 28 लाख 99 हजार सात सौ अड़सठ रुपए का गबन किया है। जनपद सीईओ ने थानेदार को एफआईआर आवेदन के साथ संपूर्ण जांच रिपोर्ट की कापी भी सौंपी है।
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