जांजगीर-चांपा. केन्द्रीय विद्यालय जांजगीर में 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल की 142वीं जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई। विद्यालय परिवार ने लौह पुरुष सरदार पटेल की जयंती का प्रारंभ उनके तैल्यचित्र के समक्ष पुष्प व दीप जलाकर किया। सीसीए प्रभारी स्वाति सिंह द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके बाद प्राचार्य संगीता लूथर सहित सभी शिक्षकों ने तैल्य चित्र के समक्ष दीपक जलाया।
दीप प्रज्जवलन के बाद प्राचार्य लूथर तथा राधेश्याम सिंह के नेतृृत्व में सभी शिक्षकों तथा छात्रों ने एकता व अखण्डता की शपथ ली। इसके बाद विद्यालय की छात्रा दीप्ति बंजारे ने अंग्रेजी तथा निहिता भारद्वाज व आस्था पाण्डेय ने हिन्दी में भाषण दिया। छात्रों ने सरदार पटेल की जीवनी तथा उनके द्वारा दिए गए बलिदान व योगदान का वर्णन किया। उसके बाद कक्षा 7वीं की छात्रा अनुभूति और कक्षा आठवीं की छात्रा हर्षिता कौशिक ने लौह पुरुष की जीवनी पर एक रोचक कविता प्रस्तुत की। इसी तारतम्य में विद्यालय के शिक्षक मनीहर्ष दुबे ने लौह पुरुष से जुड़ी रोचक जानकारी बच्चों को दी। बच्चों ने जानकारी को सहर्ष श्रवण किया। उसके बाद विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक एमके कौशिक ने सरदार पटेल द्वारा देश के लिए दिए गए योगदान के बारे में बच्चों को बताया। इसी क्रम में संस्था प्रमुख संगीता लूथर द्वारा विषय पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने लौह पुरुष के बारे में वर्णन करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने बिना सैन्य बल के जंग जीती। उन्होंने कहा कि देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री वल्लभ भाई पटेल लौह पुरुष के नाम से जाने जाते हैं। उन्होंने 200 वर्षों की गुलामी के फंसे देश के अलग-अलग राज्यों को संगठित कर भारत में मिलाया और इस कार्य के लिए इन्हें सैन्य बल की भी जरुरत नहीं पड़ी।
उन्होंने बताया कि 15 अगस्त 1947 के बाद देश की हालत बहुत खराब थी। कोई भी राजा किसी अधीनता के लिए तैयार नहीं था। ऐसे में सरदार पटेल ने रियासतों को राष्ट्रीय एकीकरण के लिए बाध्य किया और बिना किसी युद्ध के रियासतों को देश में मिलाया। 560 रियासतें आ मिली और बिना हिंसा के एकीकरण हो गया। प्राचार्य के उद्बोधन के बाद विद्यालय परिवार के सदस्यों ने ‘एकता के लिए दौड़’ में भाग लिया। संस्था प्रमुख लूथर ने हरी झण्डी दिखाकर दौड़ की शुरुआत कराई। विद्यालय परिवार के सदस्यों ने बढ़-चढक़र दौड में हिस्सा लिया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गई।


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