रविवार, 19 मार्च 2017

महादेवी के गीतों में राष्ट्रीय जागृति का आलोक-सोनी

चांपा में महादेवी जयंती व होली मिलन समारोह आयोजित

 

जांजगीर-चांपा. महादेवी नश्वर मानव के अविश्वर वेदना की साकार मूर्ति है। उनकी अभिव्यक्ति गीति काव्य की धरोहर है और करूणा उनके भावपथ का संबल है। महादेवी के गीतों में जहां राष्ट्रीय जागृति का आलोक है। वहीं उनके गीतों में हृदय स्पंदन और शब्दों का अंकन दर्शनीय है।

ये बातें महादेवी महिला साहित्य समिति की अध्यक्ष सुशीला सोनी ने महादेवी जयंती व होली मिलन समारोह में नगरपालिका वाचनालय सभागार में कही। कार्यक्रम का शुभारंभ महादेवी वर्मा व माता सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित व माल्यार्पण कर किया गया। समिति के सचिव नीरा प्रधान ने समिति का संक्षित विवरण प्रस्तुत किया। सरोजनी सोनी व राधा सोनी ने समिति की महिला सदस्यों को होली की उपाधि से नवाजा। उपाध्यक्ष अन्नपूर्णा सोनी ने महादेवी वर्मा के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र काव्य संध्या की शुरूआत सत्यभामा साव के गीतों से हुआ। विमला जायसवाल व कविता थवाईत ने छत्तीसगढ़ी फाग गीत प्रस्तुत की। सुशीला सोनी, गीता सोनी, रश्मि सोनी, आशा सोनी, उमा सोनी ने कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में मनी सोनी, दीपिका सोनी, शशिप्रभा सोनी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन नीरा प्रधान ने किया।

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