पेंशनों की राशि 11 लाख सैंतीस हजार एक सौ गोलमाल करने का आरोप
पंचायत मंत्री को पत्र लिखकर डभरा सीईओ के खिलाफ की कार्यवाही की मांग
जांजगीर-चांपा. जनपद पंचायत डभरा के अध्यक्ष पति और सीईओ के बीच शुरू हुई जुबानी जंग ने अब बड़ा रूप ले लिया है।
कुछ दिन पहले जनपद सीईओ ने जिला पंचायत सीईओ को चिट्ठी लिखकर अध्यक्ष पति
पर जनपद के हर काम में दखलअंदाजी करने का आरोप लगाया था। वहीं अब जनपद
अध्यक्ष के पति के पक्ष में क्षेत्रीय विधायक एवं छग राज्य वेबरेजेस
कार्पोरेशन के अध्यक्ष युद्धवीर सिंह जूदेव खड़े हो गए हैं। विधायक जूदेव
ने प्रदेश के पंचायत मंत्री को पत्र लिखकर जनपद सीईओ पर वित्तीय अनियमितता
का आरोप लगाते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर
सीईओ एवं उनके सहयोगी कर्मचारियों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराने का
आग्रह किया है। विधायक के इस पत्र ने जिले में सनसनी फैला दी है।जिले के चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं छग राज्य वेबरेजेस कार्पोरेशन के अध्यक्ष युद्धवीर सिंह जूदेव ने छत्तीसगढ़ के पंचायत मंत्री अजय चंद्राकर को लिखे पत्र में कहा है कि जनपद पंचायत डभरा में पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी नितेश कुमार उपाध्याय ने सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 की विभिन्न पेंशनों की राशि 11 लाख सैंतीस हजार एक सौ रुपए आहरित किया है, जिसे हितग्राहियों एवं पंचायतों के खाते में जमा न कर उन्होंने स्वयं हजम कर लिया है। जबकि इस संबंध में जनपद पंचायत के निम्न श्रेणी लिपिक केशव प्रसाद पटेल को मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपाध्याय ने नोटिस जारी किया था। नोटिस मिलने पर निम्न श्रेणी लिपिक पटेल ने अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने कहा है कि 11 फरवरी 2016 को पांच लाख तिरपन हजार तीन सौ रुपए चेक क्रमांक 085556 से आहरित की गई है, जिसे संबंधित हितग्राहियों एवं पंचायतों के खाते में जमा नहीं करवाया गया है। पत्र में जूदेव ने यह भी लिखा है कि विभिन्न पेंशन योजनाओं की राशि शासन द्वारा गरीब परिवारों के पोषण के लिए जारी की जाती है, जिसे मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं उनके मातहत कर्मचारियों ने गबन कर हितग्राहियों को आर्थिक क्षति पहुंचाई है। यह जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है। विधायक जूदेव ने पंचायत मंत्री से आग्रह किया है कि इस प्रकरण पर गंभीरता से विचार करते हुए उच्च स्तरीय टीम से जांच करवाकर संबंधित अधिकारी एवं उनके सहयोगी कर्मचारियों को इस मामले में दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट थाने में दर्ज करवाई जाए।
यह है पूरा मामला
जनपद पंचायत डभरा के मुख्यकार्यपालन अधिकारी नितेश कुमार उपाध्याय ने बीते तीन मार्च को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अजीत बसंत को एक पत्र लिखा था, जिसमें कहा गया था कि जनपद पंचायत डभरा की अध्यक्ष टुकेश्वरी पटेल के पति एवं विधायक प्रतिनिधि मनोज पटेल जनपद कार्यालय में प्रतिदिन सुबह कार्यालय खुलने से बंद होने तक उपस्थित रहते हैं। वे अनाधिकृत रूप से अध्यक्ष के कक्ष का प्रयोग करते हैं तथा कार्यालय के प्रत्येक कार्यों में हस्तक्षेप करते हैं। इसके कारण उनकी प्राय: कार्यालय के कर्मचारियों एवं अधिकारियों से वाद-विवाद की स्थिति निर्मित होती है। अध्यक्ष पति पटेल द्वारा प्राय: कर्मचारियों को अध्यक्ष कक्ष में बेवजह बुलवाया जाता है और अनावश्यक कार्य करवाए जाते हैं, जिससे सभी अधिकारी-कर्मचारी व्यथित हैं। जनपद सीईओ उपाध्याय ने जिपं सीईओ से इस मसले पर उचित पहल करने का आग्रह किया था।

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