कांग्रेसियों ने जतायी आपत्ति, लगाये पार्टी विरोधी के नारे
जांजगीर. कांग्रेस की संगठनात्मक गतिविधियों को और गतिशील बनाने के लिए गठित जिला कांग्रेस समन्वय समिति की रविवार को आयोजित बैठक में सक्ती राजा सुरेन्द्र बहादुर सिंह अचानक पहुंच गये और उन्हे मंच पर बैठा दिया गया, जबकि कुछ माह पहले उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं जनता कांग्रेस छग के सुप्रीमो की पार्टी में जाने के संकेत दिये थे। इस बात को लेकर पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. चरण दास महंत के खेमे के कांगे्रेसियों ने हंगामा खड़ा कर दिया। मौके पर कांग्रेस विरोधी नारे भी लगे, जिससे बैठक नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि कुछ कांग्रेसियों ने इस पूरे मामले को लेकर पार्टी के मुखिया पर भी कई आरोप लगाकर हो हंगामा किया।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस समन्वय समिति की बैठक रविवार को दोपहर 2 बजे से जिला मुख्यालय जांजगीर के जगनी सेलीब्रेशन में आयोजित की गयी थी। निर्धारित समय पर पार्टी की जिलाध्यक्ष मंजू सिंह एवं अन्य पदधिकारी भी बैठक में पहुंच गये थे। बैठक जैसे ही शुरू होने वाली थी तभी पूर्व मंत्री राजा सुरेन्द्र बहादुर सिंह वहां आ गये और जिलाध्यक्ष ने उन्हे मंच पर बैठा दिया। इसके बाद वे पार्टी से संबंधित गतिविधियों पर चर्चा करने लगे। बताया जाता है कि तभी पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. चरण दास महंत के समर्थक गुलजार सिंह, शशिकांता राठौर, शेषराज हरबंश एवं अन्य लोगों ने राजा सुरेन्द्र बहादुर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला गर्मा गया और पदाधिकारियों के बीच जूतम-पैजार की स्थिति निर्मित हो गयी। जिलाध्यक्ष श्रीमती सिंह मामले को सुलझा पाती इससे पहले बैठक में शामिल कई पदाधिकारी जगली सेलीब्रेशन से बाहर निकल कर सडक़ पर आ गये और पार्टी विरोधी नारे लगाने लगे। कुछ लोगों ने पूर्व मंत्री डॉ. महंत के पक्ष में नारेबाजी की तो कुछ लोगों ने जिलाध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ नारे लगाये। कुल मिलाकर बैठक के दौरान निर्मित हुई स्थिति से कांग्रेस की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गयी। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पार्टी के जिम्मेदार नेताओं ने कोई बयान जारी नहीं किया है।
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