मत्स्य कृषकों को दी गई शासकीय योजनाओं की जानकारीजांजगीर-चांपा. छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा ने गुरूवार को जिले के सभी विकासखण्डों से आये मत्स्य कृषकों और विभागीय अधिकारियों तथा कर्मचारियों के साथ बैठक की। उन्होंने मत्स्य कृषकों से उनकेे क्षेत्र में मछली पालन में आ रही कठिनाईयों के बारे में चर्चा की।
उन्होंने मत्स्य कृषकों की समस्याओं के निराकरण के लिए सहायक संचालक मछलीपालन को निर्देश दिए हैं। मटियारा ने शासन द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए मत्स्य पालकों को उनका लाभ लेने की सलाह दी। उन्होंने नील कं्राति योजना के बारे में प्रकाश डालते हुए उनका लाभ लेने के लिए भी मत्स्य कृषकों को प्रोत्साहित किया। बैठक में बताया गया कि स्वयं की भूमि में तालाब निर्माण (प्रति हेक्टेयर) के लिए विभाग द्वारा तीन लाख 50 हजार रूपए अनुदान दिया जाता है। इसी तरह मछुआरों के हित के लिए संचालित नि:शुल्क दुर्घटना बीमा योजना के तहत दुर्घटना से मृत्यु होने पर दो लाख रूपए एवं स्थायी विकलंागता पर एक लाख रूपए सहायता का प्रावधान है। समितियों को तीन वर्ष में तीन लाख रूपए आर्थिक सहायता दिलाने के बारे में भी अवगत कराया गया। इस अवसर पर मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष मटियारा ने मछली पालकों को जाल एवं आईस बॉक्स वितरित किया। कार्यक्रम में जिले के करीब डेढ़ सौ मछुआरे उपस्थित हुए। कार्यक्रम में मछुआ कल्याण बोर्ड की सदस्य कुसुमलता कैवत्र्य, रामभरोस केंवट मंाझी प्रकोष्ठ प्रदेश सदस्य, विकासखण्ड अकलतरा के मत्स्य निरीक्षक एके सिरोटिया और विकासखण्ड बम्हनीडीह के मत्स्य निरीक्षक एनके मिश्रा उपस्थित थे।
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