जांजगीर-चांपा. क्षेत्रीय सांसद कमला पाटले ने बजट सत्र में पांच अप्रैल को रायपुर से झारसुगुडा के लिए नई रेल लाइन के संबंध में रेल मंत्री से सवाल-जवाब किया।
सांसद पाटले ने पूछा कि रायपुर से झारसुगुड़ा बारास्ता बलौदा बाजार द्वारा भटगांव सांरगढ़ (310 किमी) और गेवरा रोड से चांपा बारास्ता हरदीबाजार, पंतोरा और चांपा से अंबिकापुर बरास्ता कोरबा धरमजयगढ़ रेल खंडों पर नई रेलवे लाइन बिछाने के संबंध में किए गए सर्वेक्षण की वर्तमान स्थिति क्या है? उक्त रेलवे लाइनों का सर्वेक्षण कब तक पूर्ण होने की संभावना है तथा उक्त परियोजना के लिए मंजूरी कब तक मिलने की संभावना है? और रेलवे द्वारा उन रेलवे लाइनों जिनका सर्वेक्षण पूर्ण हो चुका है, उनको अनुमोदन प्रदान करने के लिए क्या कदम उठाए गए है? इन सवालों के उत्तर में रेल मंत्रालय में राज्य मंत्री राजेन गोहांई ने बताया कि बलौदाबाजार के रास्ते रायपुर-झारसुगुडा (310 किमी) 2010-11 में उद्यतम सर्वेक्षण का कार्य पूरा किया गया और 310 किमी लम्बी इस लाइन के निर्माण की लागत 2161 करोड़ रुपए आने का अनुमान लगाया गया था।
इसके बाद इस परियोजना को नीति आयोग तथा आर्थिक मामलों संबंधी मंत्रीमंडल समिति का अनुमोदन प्राप्त हो जाने पर शुरू करने की शर्त पर 2013-14 के रेलवे बजट में शमिल किया गया था। नीति आयोग का सैद्धांतिक अनुमोदन मांगा गया था, लेकिन उन्होनें कतिपत स्पष्टीकरणों के साथ इस प्रस्ताव को लौटा दिया। ओडिशा और छत्तीसगढ़ सरकारों से परियोजना की लागत का 50 फीसदी शेयर करने तथा भूमि नि:शुल्क मुहैया कराने का अनुरोध किया गया था, लेकिन इन राज्य सरकारों की ओर से कोई प्रत्युत्तर प्राप्त नहीं हुआ है।
बेल्गहना (पेन्ड्रा)- गेवरा रोड-हरदीबाजार-पंतोरा पहरिया-चाम्पा (112 किमी) इस नई लाइन को बिछाने के लिए एक टोह इंजीनियरी-एवं-यातायात सर्वेक्षण का कार्य 1274 करोड़ रुपए की लागत पर 2016-17 में पूरा किया गया है। चाम्पा-कोरबा-धरमजयगढ़-पात्थलगांव-अम्बिकापुर (200 किमी) इस नई लाइन को बिछाने के लिए टोह इंजीनियरी-एवं-यातायात सर्वेक्षण के कार्य को 2012-13 में शामिल किया गया था। इस सर्वेक्षण के कार्य को छोड़ दिया गया था, क्योंकि यह कार्य कोरबा-लोहारदागा और अम्बिकापुर-झारसुगुड़ा बरास्ता बाटौली, सीतापुर पत्थलगांव, कोरबा नई लाइन सर्वेक्षण में शामिल है। 326 किमी लम्बी कोरबा-लाहारदगा नई लाइन के निर्माण की लागत 2444 करोड़ रुपए आने का अनुमान लगाया गया था और 2010-11 में इसकी प्रतिफल की दर (-) 7.37 फीसदी आंकी गई।
इसके अलावा 212 किमी लम्बी अम्बिकापुर से झारसुगुडा बरास्ता बटौली, सीतापुर, पत्थलगांव, कोरबा नई रेल लाइन के निर्माण की लागत 2542 करोड़ रुपए आने का अनुमान है। ये सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिए हैं, लेकिन इन्हें इनके अलाभप्रद स्वरूप के कारण आगे नहीं बढ़ाया जा सका। सर्वेक्षण करने का यह आशय नहीं है कि परियोजना को अनिवार्यत: स्वीकृत किया ही जाएगा। सर्वेक्षण के परिणामों के आधार पर यह निर्णय लिया जाता है कि इनकी लाभप्रदता, चालू परियोजना के थ्रो फारवर्ड, निधि की उपलब्धता, प्रतिस्पर्धी प्राथमिकताओं के आधार पर परियोजना की स्वीकृत किया जाए अथवा नहीं।

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