जांच के लिए आयुक्त सह संचालक पंचायत ने कलेक्टर को लिखा पत्र
जांजगीर-चांपा. शिक्षाकर्मियों की पदोन्नति के मुद्दे को लेकर जिला पंचायत के अध्यक्ष और आईएएस मुख्य कार्यपालन अधिकारी के बीच शुरू हुआ विवाद अब गहरा गया है। अध्यक्ष ने सीईओ पर तानाशाही रवैया अपनाकर मनमानी करने का आरोप लगाया है। अध्यक्ष का आरोप है कि उनकी सहमति बिना सीईओ ने प्रस्ताव पारित कर लिया और प्रस्ताव पारित होने के बारह दिनों बाद उनसे हस्ताक्षर के लिए भेजा। अध्यक्ष ने इस मामले की शिकायत सरकार से की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पंचायत विभाग के आयुक्त सह संचालक पंचायत ने मामले की जांच करने के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला पंचायत में पदस्थ सीईओ अजीत वसंत (आईएएस) के कामकाज से जिला पंचायत के अध्यक्ष नंदकिशारे हरवंश समेत कई सदस्य नाराज हैं। उनके द्वारा मीटिंग में भी सदस्यों के विलंब से पहुंचने पर उन्हें समय पर आने की हिदायत दी जा चुकी है। सीईओ द्वारा दी गई हिदायत पर सदस्यों ने सख्त आपत्ति करते हुए यह भी कहा था कि जनप्रतिनिधि सरकारी अधिकारी की तरह टाइम के पाबंद नहीं हो सकते। इसके अलावा और कई मौकों पर सदस्यों व अन्य जनप्रतिनिधियों के बीच तकरार होते रहे हैं। इस बार मामला अलग है।
जिला पंचायत के सीईओ की कार्यप्रणाली व व्यवहार से असंतुष्ट अध्यक्ष हरवंश ने उनकी शिकायत सरकार से करते हुए यह लिखा है कि सीईओ वसंत का कार्य तानाशाहीपूर्ण है। उन्होंने 22 फरवरी की बैठक में एकतरफा पारित प्रस्ताव का जिक्र करते हुए इसे अवैध बताया है। इस मामले को लेकर जिला पंचायत के सीईओ और अध्यक्ष आमने-सामने आ गए हैं।

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