बुधवार, 26 अप्रैल 2017

सजने लगा गुड्डे-गुडियों का बाजार, अक्षय तृतीया पर्व मनाया जाएगा 28 को

जांजगीर-चांपा. अक्षय तृतीया के लिए गुड्डे-गुडियों का बाजार सजने लगा है। शहर में कई स्थानों पर कुम्हार बुधवार को गुड्डे-गुडि़यां बेचते नजर आए। इससे बाजार की रौनक बढ़ गई है। जिले में 28 अप्रैल को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाएगा।

हर साल की तरह इस साल भी अन्य गांव से कुम्हार गुड्डे-गुडि़यां बेचने पहुंचे हैं। अक्ती बाजार के लिए प्रमुख रूप से रंग-बिरंगे गुड्डे-गुडि़यों का आकर्षण देखते ही बन रहा है। खिलौनों के अलावा कपड़े और दीया-चुकी और मिट्टी के अन्य खिलौने भी बेचे जा रहे हैं। ग्राम हरदी के कुम्हार राधेलाल ने बताया कि अक्ती के लिए गुड्डे-गुडि़यों की पूछपरख शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि अक्ती त्योहार का क्रेज अब सिमट कर रह गया है। पहले हाट बाजारों में गुड्डे-गुडि़यांे की अच्छी बिक्री हो जाती थी। आज के दौर में प्लास्टिक व आधुनिक खिलौने के मार्केट में आ जाने से मिट्टी के खिलौने व गुड्डे-गुडि़यों की बिक्री केवल अवसर विशेष में ही होती है। चांपा के कुम्हार पारा की बिसाहिन बाई ने बताया कि पिछले साल की तुलना में महंगाई बढ़ी है। 

लकड़ी, मिट्टी खरीदने और रंग की बढ़ी कीमतों के कारण गुड्डे-गुडि़यों के दाम में भी वृद्धि करनी पड़ी है। पिछले साल इसे 20 रुपए जोड़ी में बेच रहे थे, लेकिन इस साल इसे 30 से 50 रुपए जोड़ी में बेचना पड़ रहा है। उसने बताया कि पारंपरिक तीज त्योहारों की चमक धीरे-धीरे कम होने लगी है। केवल रस्म निभाने के लिए लोग गुड्डे-गुडि़यांे की खरीदी करते हैं। शहरों में रहने वाली आज की पीढ़ी के बच्चों को तो अक्ती त्योहार के बारे में जानकारी भी नहीं है।

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