बुधवार, 5 अप्रैल 2017

बाइक खरीदने खुद के अपहरण की रची साजिश, पहुंचा हवालात

नवागढ़ पुलिस एवं क्राइम ब्रांच की टीम ने सुलझाई अपहरण की गुत्थी

 

नवागढ़. बाइक खरीदने की चाहत में खुद के अपहरण की साजिश रचने वाले एक ठेका कर्मी को पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार कर बुधवार को सलाखों के पीछे भेजा है। मामला नवागढ़ थाना अंतर्गत नवापारा का है।

पुलिस ने बताया कि महिशबथानी माल्दा निवासी कलाम शेख पॉवर प्रोजेक्ट में टॉवर लगाने वाली कंपनी में गैंग रीडर का काम करता है। इस कंपनी का काम इन दिनों नवागढ़ क्षेत्र के ग्राम नवापारा से हरदी हरी के बीच चल रहा है। बीते तीन अप्रैल की शाम चार से पांच बजे के बीच टावर साइड में काम करते समय कलाम शेख ने अपनी मोबाइल बंद कर स्वयं के अपहरण हो जाने एवं किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा खुद को बंधक बनाकर मारपीट करने की जानकारी मोबाइल नंबर 8349183444 के माध्यम से पश्चिम बंगाल के माल्दा निवासी ठेका मालिक कुद्दुस अली को दी। गैंग रीडर कलाम शेख ने उन्हें बताया कि उसके बैंक अकाउंट में रखी रकम 40 हजार रुपए को अज्ञात अपहरणकर्ता ने डरा-धमकाकर एटीएम का कोड पूछकर निकाल लिया है। 

इसकी सूचना डिप्टी मैनेजर सुनित मिंज पिता दाउद मिंज ने नवागढ़ थाने में दी, जिस पर नवागढ़ पुलिस ने धारा 365 के तहत मामला दर्ज कर पुलिस अधीक्षक को वस्तुस्थिति से अवगत करवाया। एसपी अजय यादव के निर्देशन में एएसपी पंकज चंद्रा ने क्राइम ब्रांच प्रभारी, चांपा थाना प्रभारी तथा नवागढ़ थाना प्रभारी के नेतृत्व में अलग-अलग तीन टीमें गठित की। इसी बीच साइबर सेल जांजगीर से मिले लोकेशन के आधार पर लोकेशन बिन्दुओं को चिन्हांकित करते हुए सादी वर्दी में लगी टीमों को कुछ विशेष स्थानों पर लगाकर लगातार दबाव बनाया गया, जिससे पूर्व में निकाले गए 40 हजार रुपए के लालच में बाद में डाले गए एक लाख रुपए को निकालने के लिए छिपे हुए उक्त षडयंत्रकारी व्यक्ति कलाम जैसे ही एटीएम के पास पहुंचा तो वहां पहले से तैनात पुलिस की टीम ने उसे धर-दबोचा। पूछताछ में षडयंत्रकारी कलाम शेख काफी चौकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि स्वयं की मोटरसाइकिल रखने की चाहत थी। 

इसी कारण उसने अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी थी और तीन मार्च को साइड को देखते समय अपना मोबाइल बंद कर अचानक मोबाइल से स्वयं के अपहृत हो जाने की जानकारी अपने मालिक को दी थी। पूछताछ में पता चला कि कलाम शेख ने एसबीआई चांपा के सामने वाली एटीएम से 40 हजार रुपए स्वयं निकाला था और अपहरणकर्ताओं की मांग बताकर एक लाख रुपए अपने मालिक से अपने अकाउंट में डलवाकर उसे निकालकर उसी रकम से मोटरसाइकिल खरीदना चाहता था, किन्तु पुलिस की सक्रियता के चलते उसके अकाउंट को फ्रिज करने से घबराकर साजिश से बाहर आकर उसने इस षडयंत्र का खुलासा किया। कलाम की तलाशी ली गई तो उसने अपने अंडरवियर में छिपाकर रखे 40 हजार रुपए से 39 हजार 420 रुपए एवं साजिश में उपयोग की गई मोबाइल को पुलिस के सुपुर्द किया।

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