जांजगीर-चांपा. वर्ष 2000 में जब छत्तीसगढ़ अलग राज्य बना और अजीत जोगी ने मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली, तब प्रदेश का स्वास्थ्य बजट महज 400 करोड़ रुपए का था, लेकिन वर्तमान में यह राशि कई गुना बढक़र 8000 करोड़ रुपए हो गई है। इसके बाद भी सरकारी अस्पतालों में गरीब मरीजों को कोई राहत नहीं मिल रही है। इस स्थिति में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को यही सुझाव है कि वे प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप योजना के तहत प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों का निजीकरण कर दें। साथ ही सभी सरकारी अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा हो। ऐसा करने से ही मरीजों को राहत मिल सकती है।
ये बातें जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता एवं मरवाही के विधायक अमित जोगी ने कही। वे मंगलवार की शाम जिला मुख्यालय जांजगीर स्थित सर्किट हाउस में पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिकलसेल नामक गंभीर बीमारी अपनी जड़ जमा चुकी है। प्रदेशभर में इस बीमारी से करीब 40 लाख लोग पीडि़त हैं, जिनका समुचित उपचार नहीं हो पा रहा है, जबकि मूलभूत स्वास्थ्य सेवा को लेकर राज्य सरकार के पास पर्याप्त राशि उपलब्ध है। विधायक जोगी ने कहा कि सिकलसेल बीमारी को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य आज पूरे देश में पहले नंबर पर है। वहीं इस बीमारी को लेकर जांजगीर-चांपा जिला पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर है। इसके बावजूद, इस बीमारी से पीडि़त लोगों के उपचार के लिए सरकार कोई कारगर पहल नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि सिकलसेल से पीडि़तों के इलाज के लिए राज्य सरकार द्वारा 60 करोड़ की लागत से अस्पताल बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए रायपुर तथा आसपास के शहरों में भूमि की तलाश की जा रही है, ऐसे में एक सवाल यह है कि जब जांजगीर-चांपा के लोग इस बीमारी से सर्वाधित पीडि़त हैं तो रायपुर और आसपास के अन्य शहरों में इसके उपचार के लिए अस्पताल खोलने का औचित्य आखिर क्या है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिले के कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन से चर्चा की गई है। उन्होंने इस अस्पताल के लिए आवश्यकतानुरूप भूमि जिले में उपलब्ध होने की जानकारी देते हुए भूमि उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया है। कलेक्टर से बात होने के बाद अब इस मसले पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से बात की जाएगी। विधायक जोगी ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश भर के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ब्लड स्टोरेज यूनिट की स्थापना की है, लेकिन बड़ी विडंबना यह है कि जांजगीर-चांपा जिले के सक्ती और अकलतरा को छोडक़र शेष सीएचसी की ब्लड स्टोरेज यूनिट जनरेटर यूनिट के अभाव में ठप है। वहीं जिन दो सीएचसी में यूनिट चालू है, वहां से जरूरतमंदों को समय पर ब्लड नहीं मिल पाता। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि कुछ साल पहले चांपा के शासकीय अस्पताल में बर्न यूनिट खोलने की घोषणा हुई थी। करीब 20 लाख रुपए के उपकरण भी खरीदे गए, लेकिन सरकार की उदासीनता से यहां बर्न यूनिट की स्थापना अब तक नहीं हो सकी है, जो दुखद है। विधायक जोगी ने रमन सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को कालातीत दवाएं बंटवा रही है। कुछ दिन पहले जिले के बिर्रा स्थित शासकीय अस्पताल में मरीज को कालातीत दवाएं बांटे जाने की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। यह कोई पहली घटना नहीं है। ऐसे कई मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिसे लेकर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) जल्द ही बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में है। एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के कुलसचिव द्वारा कांग्रेस में प्रवेश किए जाने के बाद कोटा विधानसभा क्षेत्र से रेणु जोगी के चुनाव लडऩे के सवाल पर विधायक जोगी ने कहा कि कौन क्या करेगा अथवा नहीं करेगा, यह समय बताएगा, लेकिन जिस पार्टी से उनकी मां अभी विधायक है, उस पार्टी का आने वाले दिनों में प्रदेश में कोई वजूद नहीं रहेगा, यह तो तय बात है। इस दौरान पार्टी के प्रदेश महामंत्री मो. इब्राहिम मेमन, गीतांजलि पटेल, गौ सेवक विभाग के प्रदेशाध्यक्ष गिरधारी यादव, जिलाध्यक्ष संतोष गुप्ता सहित अन्य लोग मौजूद थे।
तो चलने नहीं देंगे शैक्षणिक संस्था
विधायक जोगी ने कहा कि राज्य सरकार गांव-गांव में स्कूल-कॉलेज खोलकर बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा, छात्रवृत्ति सहित अन्य योजनाओं का लाभ देने का दावा तो करती है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। जिले के स्कूली व महाविद्यालयीन विद्यार्थियों को पिछले दो साल की छात्रवृत्ति नहीं मिली है। इसी मुद्दे को लेकर आज पामगढ़ में धरना-प्रदर्शन किया गया है। साथ ही शासन-प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपकर यह चेतावनी भी दी गई है कि विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति राशि आगामी 15 अगस्त के पहले तक उनके बैंक खातों में आ जानी चाहिए। अगर ऐसा न हुआ तो जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) 15 अगस्त से जिले में एक भी शैक्षणिक संस्था को चलने नहीं देगी।
जिन्होंने दिया बयान, उनसे ही पूछिए
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश महामंत्री इब्राहिम मेमन की गिरफ्तारी के बाद पार्टी पदाधिकारियों द्वारा दिए गए अलग-अलग बयान के संबंध में पूछे जाने पर विधायक जोगी ने कहा कि वैसे तो विरोधाभाष की स्थिति सभी जगह निर्मित होती है, लेकिन उनकी पार्टी में एकता है। किसने क्या बयान दिया और कौन सही अथवा गलत है, यह उनसे ही पूछिए तो ज्यादा बेहतर होगा। जोगी ने कहा कि उनकी पार्टी शुरू से ही जनहित से जुड़े मुद्दों पर जमीन लड़ाई लड़ रही है और आगे भी लड़ती रहेगी, क्योंकि प्रदेश में आज कोई विपक्ष यदि है तो वह जोगी कांग्रेस ही है।

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