मंगलवार, 25 जुलाई 2017

सांसद पाटले ने उठाया स्टेशनों पर उपलब्ध सुविधाओं का मुद्दा, रेलमंत्री ने कहा-यात्री सुख-सुविधाओं में सुधार है एक सतत प्रक्रिया

जांजगीर-चांपा. क्षेत्रीय सांसद कमला पाटले ने बजट सत्र में 19 जुलाई को स्टेशनों पर उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में रेल मंत्री से सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि क्या रेलवे देश के विभिन्न स्टेशनों, विशेषकर उन स्टेशनों जो छोटे कस्बों या शहरों में स्थित हैं, वहां उपलब्ध यात्री सुविधाओं के स्तर से संतुष्ट हैं? यदि हां, तो तत्संबधी ब्यौरा क्या है? क्या रेलवे ने देश के रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं में सुधार करने की कोई कार्ययोजना तैयार की है? यदि हां, तो विगत तीन वर्षों और चालू वर्ष के दौरान इस दिशा में विशेषकर छत्तीसगढ़ में सरकार द्वारा क्या प्रयास किए गए हैं और देश के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध सुविधाओं की निगरानी करने, उनका निरीक्षण करने तथा उनके अनुरक्षण के लिए क्या तन्त्र स्थापित किया गया है?

सांसद पाटले के प्रश्नों के उत्तर में रेल राज्य मंत्री राजेश गोहाई ने बताया एक विवरण पटल पर रख दिया गया है। स्टेशनों पर सुविधाओं के संबंध में 19 जुलाई को लोकसभा में सांसद कमला पाटले द्वारा पूछे जाने वाले आतारंाकित प्रश्न के उत्तर भाग से संबंधित विवरण यह है कि भारतीय रेल पर यात्री सुख-सुविधाओं में सुधार एक सतत प्रक्रिया है। वर्तमान युग के यात्री स्टेशनों पर मुहैया कराई जा रही जनोपयोगी सुख-सुविधाओं में स्पष्ट और गुणवत्मक सुधार की आशा करते है। यात्रियों की आकांक्षाओं को पूरा करने के उदेश्य से भारतीय रेल छोटे शहरों या नगरों में स्थित स्टेशनों सहित सभी स्टेशनों पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरपूर प्रयास कर रहा है। भारतीय रेल पर 8000 से अधिक स्टेशन है। रेलवे का सदैव यह प्रयास रहता है कि स्टेशनों पर यात्रियों को पर्याप्त सुख-सुविधाएं मुहैया कराई जाए। कतिपय सुख-सुविधाएं नए स्टेशनों का निर्माण करते समय यातायात की प्रत्याशित मात्रा के आधार पर मुहैया कराई जाती है। स्टेशनों पर संभाले जा रहे यातायात में वृद्वि, आवश्यकता, यात्रियों की आकांक्षाओं और धनराशि की उपलब्धता के आधार पर समय-समय पर इन सुख-सुविधाओं में स्टेशनों पर संभाले जाने वाले यात्री यातायात में हुई वृद्धि के अनुरूप वृद्धि की जाती हैै। उन्होंने बताया कि हाल ही भारतीय रेल ने यात्रियों की सेवाओं और सुविधाओं में सुधार के लिए विभिन्न उपाय किए गए हंै, जिनमें एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाना सुचारू बनाने के लिए स्टेशनों पर लिफ्टों और एस्केलेटरों की व्यवस्था, गाड़ी की यात्रा से पहले व बाद में यात्रियों, विषेषकर वरिष्ठ नागारिकों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए बैटरी परिचालित वाहन, व्हीलचेयर की सुविधा के जरूरतमंद यात्रियों के लिए यात्री मित्र सेवा, ट्रांजिट के दौरान यात्रियों के आराम के लिए सुव्यवस्थित विश्राम कक्ष, प्रतीक्षालय और एक्जीक्यूटिव लाऊंच, भारतीय रेल के 127 महत्वपूर्ण स्टेशनों पर वाई-फाई सुविधा, आरक्षण एवं यात्रा में विकल्प नामक वैकल्पिक गाड़ी एकॉमोडेशन योजना, ताकि प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को उस वैकल्पिक गाडी में शिफ्ट करने का विकल्प दिया जा सके, जिनमें खाली स्थान उपलब्ध है। 

दिव्यांग व्यक्तियों के लिए ऑनलाइन आरक्षित टिकटें बुक करने की सुविधा की व्यवस्था, मोबाईल फोन के जरिए पेपरलैस अनारक्षित टिकट बुकिंग की शुरूआत, गाडिय़ां रद्द होने पर कन्फर्म व रद्करण के बदले आरक्षण (आरएसी) ई-टिकट का स्वत: रिफंड, वरिष्ठ नागरिक कोटा के साथ-साथ दिव्यांग व्यक्तियों के लिए निर्धारित कोटा में वृद्धि सहित कई महत्वपूर्ण सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय रेल के रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुख-सुविधाओं का आधुनिकीकरण तथा अपग्रेडेशन निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। इस समय आदर्श स्टेशन योजना के तहत स्टेशन का अपग्रेडेशन किया जा रहा है। गत तीन वर्ष और मौजूदा वर्ष के दौरान इस योजना के अंतर्गत 201 स्टेशनों का अपग्रेडेशन किया जा रहा है, जिनमें छत्तीसगढ़ के 5 स्टेशन शामिल हंै, उनकी पहचान की गई है।

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