जांजगीर-चांपा. पोड़ीभाठा अकलतरा निवासी एक व्यक्ति की हत्या उसकी पत्नी ने बेटी-दामाद के साथ मिलकर की थी। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाना लगाने घर के अंदर गड्ढ़ा खुदवाया और उसी में शव को दफन कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों फरार हो गए थे, लेकिन पड़ोसियों की मदद से पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, पोड़ीभाठा अकलतरा निवासी गोविंदा प्रधान की हत्या बीते 13 जून को उसकी पत्नी सुनीति सिंह, दामाद सुधीर सिंह एवं लडक़ी पूजा सिंह द्वारा कर दी गई थी। आरोपियों ने शव को छुपाने के उद्देश्य से घर के अंदर गड्ढ़ा खुदवाकर उसमें शव को दफन कर दिया था। इसके बाद तीनों फरार हो गए। मोहल्लेवासियों को शंका तब हुई, जब वे लोग तीन-चार दिनों तक घर नहीं लौटे, तब 17 जून को मोहल्ले के लोगों ने अकलतरा थाने में सूचना दी कि सुनीति के घर में एक गड्ढ़ा खुदा हुआ है। उन्हें शंका है कि गोविंद प्रधान की हत्या कर उसके शव को उसी गड्ढ़े में छुपाया गया है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जांजगीर से अनुमति लेने के बाद तहसीलदार की उपस्थिति में मौके पर पहुंचकर गड्ढ़े का उत्खनन करवाया गया, जिसमें से एक शव मिला, जिसकी शिनाख्त मोहल्ले के लोगों ने गोविंदा प्रधान के रूप में की। पंचनामा कार्यवाही कर शव का पीएम कराया गया। पीएम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या होने का लेख डॉक्टर द्वारा किया गया। रिपोर्ट से यह भी स्पष्ट हुआ कि उसके हाथ-पैर एवं पसली की हड्डी में फैक्चर है। इसके बाद मामले में भादवि की धारा 302, 201, 34 कायम कर विवेचना की गई। आरोपियों की पता तलाशी के लिए हरसंभव प्रयास किया गया, लेकिन उनका कहीं कोई पता नहीं चला। प्रकरण की गंभीरता के चलते वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव द्वारा इस प्रकरण के निराकरण की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। क्राइम ब्रांच टीम द्वारा संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन आरोपियों का पता नहीं चल रहा था। इसी बीच आरोपियों के अनूपपुर में छिपे होने की जानकारी मिली, लेकिन आरोपी वहां भी नहीं मिले। मगर पूछताछ में अनूपपुर से आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली कि अभी वे दिल्ली में हजरत निजामुद्दीन स्टेशन के पास सराई काले खान मोहल्ले में रहकर मजदूरी का काम कर रहे हैं। इस संबंध में क्राइम ब्रांच प्रभारी द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया गया, तब फरार आरोपियों को पकडऩे के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यादव द्वारा अकलतरा थाना के उपनिरीक्षक केपी टंडन के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच के सहायक उपनिरीक्षक दिलीप सिंह, आरक्षक लक्ष्मीकांत कश्यप, रेमन सिंह राजपूत, महिला आरक्षक अंजना लकड़ा की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम द्वारा हजरत निजामुद्दीन पहुंचकर सराई काले खान मोहल्ले में आरोपियों की पतासाजी की गई। टीम उनके निवास तक जा पहुची, किंतु मकान में ताला लगा हुआ था। मकान मालिक सुभाष चौधरी को आरोपी सुधीर और पूजा की फोटो दिखाकर पूछा गया तो उसने बताया कि वो यही रहते हैं। इनके साथ इसकी सास भी रहती है। मकान मालिक सुभाष चौधरी से पूछताछ करने पर जानकारी मिली की किरायेदार सुधीर सिंह, उसकी पत्नी और सास तीनों उसी शाम को करीब 5-6 बजे की संपर्क क्रांति ट्रेन से अपने गांव जाने की बात कर रहे थे। संभवत: वे गांव जाने के लिए निकल गए है। चूंकि सराई काले खान मोहल्ला हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से लगा हुआ है। ऐसे में हालात को वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए टीम अविलंब स्टेशन पहुंची और संपर्क क्रांति ट्रेन में सवार हुई। इस दौरान टीम लगातार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा से दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन प्राप्त करती रही। बिलासपुर के लिए शाम को संपर्क क्रांति एक्सप्रेस ही है, इसलिए पुख्ता हो गया कि आरोपी इसी ट्रेन से सफर कर रहे हैं, जिस पर टीम उन पर बड़ी सावधानी से नजर रख रही थी। ट्रेन जैसे ही बिलासपुर स्टेशन पहुंची, तब वहां घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को दबोच लिया गया।
पत्नी पर रखता था गलत निगाह, इसलिए की हत्या
पुलिस की टीम जब आरोपियों को पकडक़र अकलतरा थाना लाई और पूछताछ की, तब कई चौंकाने वाली बातें सामने आई। पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार करते हुए आरोपी सुधीर सिंह ने बताया कि गोविंदा प्रधान उसकी सास का दूसरा पति है। गोविंदा उसकी पत्नी पूजा पर काफी समय से गलत निगाह रखता था। वह उससे अवैध संबंध बनाना चाहता था और शराब पीकर घर में गाली-गलौज करता था। उसने बताया कि घटना के एक माह पूर्व भी उन्होंने गोविंदा के साथ मारपीट की थी। वहीं उसकी गलत निगाह रखने के कारण 12 जून 2017 को उसके साथ डण्डे से मारपीट की गई। इसके बाद वह रातभर घर के आंगन में सोया था। सुबह देखा तो सांस चल रही थी, तब पूजा ने सुनीति के सहयोग से उसे घर के अंदर लाया। इसके बाद पूजा पैर पकड़ी, वहीं सुनीति ने हाथ पकड़ा और उसने हाथ से गला दबाकर गोविंदा की हत्या कर दी।
मजदूरों से खुदवाया गड्ढ़ा, दफन करवा दिया शव
आरोपी सुधीर सिंह ने बताया कि गोविंदा की लाश को छुपाने के उद्देश्य से उन्होंने घर में मजदूरों से गड्ढ़ा खुदवाया, फिर उसी में शव को दफन कर दिया। पूछताछ पूरी करने के बाद पुलिस की टीम ने आरोपी सुधीर के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लकड़ी का एक डंडा तथा लकड़ी की सीढ़ी (जिससे गोविंदा के साथ मारपीट की गई थी) जब्त किया। मामले में आरोपी सुधीर सिंह (23) पिता नारेंदर सिंह साकिन मलबरिया थाना बिश्रामपुर जिला पलामू झारखंड हाल मुकाम पोड़ीभाठा अकलतरा, पूजा सिंह (20) पति सुधीर सिंह साकिन पोड़ीभाठा अकलतरा तथा सुनीति सिंह (45) पति शिशुपाल सिंह साकिन पोड़ीभाठा अकलतरा को 24 जुलाई को विधिवत गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर उन्हें जेल भेज दिया गया है।

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