जांजगीर चांपा. ग्राम तुलसी के मालगुजार पंडित सुशील शुक्ला के गोलोक श्रीधाम गमन निमित्त उनकी पुण्य स्मृति में श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञानामृत कथा का आयोजन 27 जुलाई से किया जा रहा है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 27 जुलाई दिन गुरुवार को श्रीमद् भागवत महापुराण षटध्यायी, 28 जुलाई दिन शुक्रवार को श्रीमद् भागवत कथा प्रारंभ, सृष्टि वर्णन तथा परीक्षित कथा, 29 जुलाई दिन शनिवार को श्री कपिल अवतार, सती ध्रुव प्रियव्रत चरित्र, 30 जुलाई दिन रविवार को नरसिंह अवतार, जड़ भरत कथा, अजामिल उपाख्यान, 31 जुलाई दिन सोमवार को गजेंद्र मोक्ष, वामन अवतार, रामचरित्र, कृष्ण जन्म कथा, 1 अगस्त दिन मंगलवार को श्रीकृष्ण बाललीला, रासलीला, रुक्मणी विवाह, 2 अगस्त दिन बुधवार को सुदामा चरित्र, प्रद्युम्न कथा, 3 अगस्त दिन गुरुवार को अवधूतोपाख्यान, परीक्षित मोक्ष कथा एवं चढ़ोत्री तथा 4 अगस्त दिन शुक्रवार को गीता पाठ, तुलसी वर्षा, हवन एवं सहस्रधारा होगी। कथा समय सुबह 9 बजे से 12 बजे तक एवं दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित है। व्यास पीठ पर बनारी वाले पंडित रमाशंकर चौबे विराजमान होंगे। वही वरण आचार्य केरा वाले पंडित विनोद कुमार पांडेय होंगे। इस आयोजन को सफल बनाने पंडित चंद्रशेखर शुक्ला, आशीष शुक्ला, हरिभूमि के ब्यूरो चीफ अभिषेक शुक्ला एवं तुलसी, केरा, कनस्दा, बर्रा, भठली, मिसदा के शुक्ला परिवार के समस्त लोग जुटे हुए हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 27 जुलाई दिन गुरुवार को श्रीमद् भागवत महापुराण षटध्यायी, 28 जुलाई दिन शुक्रवार को श्रीमद् भागवत कथा प्रारंभ, सृष्टि वर्णन तथा परीक्षित कथा, 29 जुलाई दिन शनिवार को श्री कपिल अवतार, सती ध्रुव प्रियव्रत चरित्र, 30 जुलाई दिन रविवार को नरसिंह अवतार, जड़ भरत कथा, अजामिल उपाख्यान, 31 जुलाई दिन सोमवार को गजेंद्र मोक्ष, वामन अवतार, रामचरित्र, कृष्ण जन्म कथा, 1 अगस्त दिन मंगलवार को श्रीकृष्ण बाललीला, रासलीला, रुक्मणी विवाह, 2 अगस्त दिन बुधवार को सुदामा चरित्र, प्रद्युम्न कथा, 3 अगस्त दिन गुरुवार को अवधूतोपाख्यान, परीक्षित मोक्ष कथा एवं चढ़ोत्री तथा 4 अगस्त दिन शुक्रवार को गीता पाठ, तुलसी वर्षा, हवन एवं सहस्रधारा होगी। कथा समय सुबह 9 बजे से 12 बजे तक एवं दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित है। व्यास पीठ पर बनारी वाले पंडित रमाशंकर चौबे विराजमान होंगे। वही वरण आचार्य केरा वाले पंडित विनोद कुमार पांडेय होंगे। इस आयोजन को सफल बनाने पंडित चंद्रशेखर शुक्ला, आशीष शुक्ला, हरिभूमि के ब्यूरो चीफ अभिषेक शुक्ला एवं तुलसी, केरा, कनस्दा, बर्रा, भठली, मिसदा के शुक्ला परिवार के समस्त लोग जुटे हुए हैं।

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