जांजगीर-चांपा. यदि आपको मौत का खेल देखना है तो शाम ढलते ही जिला मुख्यालय स्थित हाईस्कूल मैदान पहुंच जाइए। कार में सवार कुछ युवक यहां अपनी जान जोखिम में डालकर मौत का खेल खेलते हैं। वे ऐसे-ऐसे खतरनाक स्टंट करते हैं, जिसे देखकर निश्चित ही आपके रौंगटे खड़े हो जाएंगे। मौत का खेल यहां पिछले कुछ दिनों से चल रहा है, जिससे न केवल मैदान में आने-जाने वाले लोग परेशान हैं, बल्कि आसपास के घरों के लोग भी अच्छे खासे हलाकान हैं।
मौत का खेल केवल मेले और मीना बाजारों में लगे मौत कुओं में ही नहीं होता, बल्कि यह खेल पिछले कुछ दिनों से जिला मुख्यालय के हाईस्कूल मैदान में चल रहा है। शाम ढलते ही शहर तथा आसपास के इलाके के कुछ युवक कार में सवार होकर यहां पहुंचते हैं और पहले छककर शराब पीते हैं। इसके बाद मौत का खेल शुरू होता है। कार में सवार युवक फूल साउंड में म्युजिक सिस्टम चालू करके खतरनाक स्टंट करते हैं। इस दौरान कार की स्पीड 100-120 से अधिक होती है। कार चलाने वाला युवक एक तरफ जहां एक्सीलेटर को पूरा दबाए रखता है, वहीं उसका दूसरा पैर क्लच पर होता है। एक्सीलेटर और क्लच के एक साथ उपयोग से कार से तेज आवाजें निकलती हैं, जो काफी डरावनी होती है। सिर्फ इतना ही नहीं, मैदान में तेज गति से दौड़ रही कार को वे ब्रेक दबाकर झटके में मोड़ते हैं, जिससे तेज रफ्तार कार दो पहियों के बल फिल्मी स्टाइल में कुछ दूर स्लीप होकर मुड़ती है। रोजाना देर शाम से शुरू हुआ मौत का यह खेल रात करीब 11-11.30 बजे तक लगातार चलता है। शराब के नशे में मदहोश उन युवकों के इस खतरनाक खेल से हाईस्कूल मैदान में जाकर समय बिताने वाले लोग खासे परेशान हैं। वहीं हाईस्कूल मैदान के आसपास के घरों में रहने वाले लोगों को भी कार से निकलने वाले तेज आवाज से असुविधा हो रही है। यहां बताना लाजिमी होगा कि शहर में स्थित हाईस्कूल मैदान एकमात्र ऐसा मैदान है, जहां जिला, संभाग एवं राज्य स्तरीय खेलकूद के अलावा समय-समय पर विभिन्न शासकीय आयोजन भी होते हैं। इसके बावजूद, इस मैदान को असमाजिक तत्वों से बचाने जिला प्रशासन व पुलिस अमला कोई कारगर कदम नहीं उठा रहा है। यही वजह है कि शहर का एकमात्र मैदान वर्तमान में असमाजिक तत्वों का अच्छा-खासा ठिकाना बना हुआ है, जहां रोजाना वे न केवल छककर शराब पीते हैं, बल्कि वाहनों में खतरनाक स्टंट कर आमलोगों को परेशान भी करते हैं।
मैदान की हो गई है दुगर्ति
एक ओर जहां स्टेडियम की शक्ल दिए जाने से हाईस्कूल मैदान का आकार सिकुड़ गया है। वहीं समय-समय पर होने वाले आयोजनों के पंडाल के लिए यहां करवाई गई खुदाई से मैदान की दुगर्ति हो गई है। रही-सही कसर कार में स्टंट दिखाने वाले असमाजिक तत्व पूरी कर रहे हैं। कुल मिलाकर कहा जाए तो हाईस्कूल मैदान विभिन्न कारणों से पूरी तरह बदहाल हो गया है। इसके बावजूद, जिला प्रशासन इस मैदान की सुध नहीं ले रहा है।
खिलाडिय़ों को असुविधा
शहर के मध्य भाग मेें स्थित होने के कारण हाईस्कूल मैदान खिलाडिय़ों के प्रैक्टिस के लिए बेहतर स्थान है। कुछ साल पहले तक विभिन्न विधाओं के खिलाड़ी रोजाना सुबह-शाम यहां पहुंचकर खेलों की प्रैक्टिस करते थे, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण यह मैदान अब खिलाडिय़ों के प्रैक्टिस योग्य नहीं रह गया है। मैदान में निर्मित बड़े-बड़े गड्ढे और उनमें भरे बरसाती पानी से उत्पन्न हुई कीचड़ ने खिलाडिय़ों को अब इस मैदान से दूर कर दिया है। मैदान के अव्यवस्थित होने से खिलाडिय़ों को असुविधा हो रही है।

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