गुरुवार, 27 जुलाई 2017

एमबीपीएल के लैब असिस्टेंट की करंट से मौत, घटना से गुस्साए परिजनों ने मुआवजा और नौकरी की मांग को लेकर शव का पीएम कराने से रोका

चांपा. मध्य भारत पेपर्स लिमिटेड में कार्यरत सहायक लैब असिस्टेंट की गुरूवार को करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए मृतक के परिजनों ने चांपा के मिशन अस्पताल में जमकर हंगाामा किया। मृतक के परिजनों ने मुआवजा और फैक्ट्री में नौकरी की मांग को लेकर शव का पीएम कराने से मना कर दिया। उनका कहना था कि फैक्ट्री प्रबंधन पहले मृतक के वारिस को पर्याप्त मुआवजा और फैक्ट्री में नौकरी दे, उसके बाद ही शव का पीएम करने दिया जाएगा। इस बात को लेकर मिशन अस्पताल में घंटों तक मृतक के परिजनों और फैक्ट्री के अधिकारियों के बीच तनातनी होती रही। घंटों बाद फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से उचित आश्वासन मिलने के बाद परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम करवाया।

जानकारी के अनुसार, नवागढ़ थाना अंतर्गत ग्राम बोरदा निवासी गणेशराम कश्यप (35) पिता महेत्तरलाल कश्यप चांपा के समीपस्थ ग्राम बिरगहनी में संचालित मध्य भारत पेपर्स लिमिटेड में सहायक लैब असिस्टेंट के पद पर कार्यरत था। वह फैक्ट्री के समीप स्थित आवासीय कालोनी में परिवार के साथ रहता था। गुरूवार की सुबह करीब छह बजे वह ड्यूटी जाने के लिए तैयार हो रहा था। नहाने के बाद कपड़े सुखाने के लिए उसने जैसे ही स्टील के तार को छुआ, तब उसमें प्रवाहित करंट की चपेट में आ गया। इस हादसे में वह गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद वहां बड़ी संख्या में कालोनी के लोग इकट्ठे हो गए। घटना की सूचना पाकर फैक्ट्री के जिम्मेदार अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और गणेशराम कश्यप को गंभीरावस्था में चांपा स्थित मिशन हॉस्पिटल लेकर गए, जहां उसकी मौत हो गई। 

फैक्ट्री प्रबंधन इस घटना की सूचना चांपा पुलिस को दे ही रहा था, तभी घटना की खबर पाकर मृतक गणेशराम कश्यप के परिजन ग्राम बोरदा से वहां पहुंच गए और उन्होंने इस घटना को लेकर फैक्ट्री प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए हंगामा शुरू कर दिया। घटना की खबर पाकर चांपा पुलिस वहां पहुंची और पंचनामा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने की तैयारी कर रही थी, तभी गुस्साए परिजनों ने मृतक गणेशराम कश्यप के वारिस को पर्याप्त मुआवजा तथा फैक्ट्री में नौकरी दिए जाने की मांग को लेकर शव को पीएम के लिए रवाना होने से रोक दिया। बताया जाता है कि मृतक गणेशराम कश्यप के चाचा लक्ष्मीनारायण कश्यप सहित अन्य रिश्तेदार अपनी मांगों को लेकर अड़े थे, लेकिन फैक्ट्री प्रबंधन उनकी मांगों को पूरी करने के मूड में नहीं था। इस बात को लेकर अस्पताल परिसर में ही दोनों पक्षों में घंटों तक तनातनी हुई। मामला तूल पकड़ता देख फैक्ट्री प्रबंधन ने काफी देर बाद उनकी मांगों पर उचित पहल करने का आश्वासन दिया, तब जाकर परिजनों का आक्रोश शांत हुआ और शव को पीएम के लिए रवाना किया जा सका। पीएम के बाद पुलिस ने शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस का कहना है कि फिलहाल इस मामले में मर्ग कायम किया गया है। घटना की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।


मासूमों के सिर से छिन गया पिता का साया

बताया जा रहा है कि मृतक गणेशराम कश्यप की शादी कुछ साल पहले ही हुई थी। उसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। एक बेटा करीब चार साल का है, वहीं दूसरे बेटे की उम्र करीब दो साल बताई जा रही है। इस घटना से दोनों मासूमों के सिर से पिता का साया छिन गया। हादसे के बाद मृतक गणेशराम की पत्नी सहित पूरा परिवार सदमे में है। वहीं उसके गृहग्राम बोरदा में शोक का माहौल निर्मित हो गया है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें