जांजगीर-चांपा. सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने लाखों प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन सरकारी नुमाइंदों की लापरवाही तथा मनमानी से शिक्षा के स्तर में कोई सुधार नहीं आ रहा है। राज्य शासन ने शिक्षकों के अटैचमेंट पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रखा है। बावजूद इसके, सेटअप की अनदेखी करते हुए सेमरिया स्कूल में पदस्थ एक व्याख्याता साल भर से पीथमपुर के स्कूल में अटैच है, जिसके कारण सेमरिया स्कूल के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
जानकारी के अनुसार, जिले के बम्हनीडीह विकासखंड अंतर्गत ग्राम सेमरिया में शासकीय आरकेके उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संचालित है। यहां प्राचार्य का पद लंबे समय से रिक्त है, जबकि हिन्दी विषय पढ़ाने के लिए रमेश कुमार मेहरा, गणित विषय के लिए शीतल शर्मा, जीवविज्ञान विषय के लिए रेणुका कुमारी मरावी, भौतिकी विषय के लिए सुशील राज, रसायन शास्त्र के लिए सरला चंद्रा, राजनीति व इतिहास के लिए राजीव लोचन कश्यप, अर्थशास्त्र और भूगोल के लिए लखेश्वर सिंह कंवर, वाणिज्य के लिए अशरफ हुसैन और कत्यानी साहू की पदस्थापना है। इसी तरह सहायक शिक्षक विज्ञान के पद पर बलराम खैरवार, हेमलाल रात्रे, भरत लाल कश्यप तथा लेखापाल के पद पर गोवर्धन प्रसाद यादव पदस्थ किए गए हैं। इनमें से रसायनशास्त्र की व्याख्याता सरला चंद्रा को 16 जून 2016 से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पीथमपुर में संलग्र कर दिया गया है, जिसकी वापसी आज तक मूल विद्यालय में नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि व्याख्याता सरला चंद्रा का अटैचमेंट नियम विरूद्ध किया गया है, जिसके कारण शासकीय स्कूल सेमरिया का सेटअप प्रभावित हो रहा है। वहीं इस स्कूल में शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। गौरतलब है कि शासकीय आरकेके उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अंग्रेजी व संस्कृत विषय के व्याख्याता शिक्षक की कमी है। वहीं रसायन विषय की व्याख्याता सरला चंद्रा को पिछले साल से पीथमपुर में अटैच कर दिया गया है, जिससे शासकीय आरकेके उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में रसायन विषय के शिक्षक की भी कमी है हो गई है। यहां बताना लाजिमी होगा कि पिछले सत्र में इस विद्यालय के अधिकांश बच्चे रसायन और अंग्रेजी में अनुतीर्ण हुए थे। अगर इस सत्र में भी इन विषयों के शिक्षकों की कमी को दूर नहीं किया गया तो स्कूल का परीक्षा परिणाम निराशाजनक आना तय है।

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