शुक्रवार, 21 जुलाई 2017

स्वास्थ्य मंत्री चंद्राकर को जोगी कांग्रेसियों ने दिखाया काला झंडा, जिले के सरकारी अस्पतालों में लचर व्यवस्था को लेकर जताया विरोध

चांपा. जिले के सरकारी अस्पतालों में लचर स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर नाराज छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार की शाम चांपा पहुंचे प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर को काला झंडा दिखाकर विरोध जताया। इस दौरान जोगी कांग्रेसियों ने स्वास्थ्य मंत्री तथा प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर मुर्दाबाद के नारे लगाए। मंत्री का विरोध कर रहे करीब 25 लोगों को चांपा पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

दरअसल, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर शुक्रवार की शाम एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कोसानगरी चांपा पहुंचे थे। इसकी सूचना छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं को पहले से ही मिल गई थी। स्वास्थ्य मंत्री चंद्राकर जैसे ही चारपहिया वाहन से कार्यक्रम स्थल पहुंचे, वहां पहले से ही बड़ी संख्या में मौजूद छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने उन्हें काला झंडा दिखाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। विरोध-प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के प्रदेश महामंत्री मो. इब्राहिम मेमन एवं अन्य पदाधिकारियों ने मौके पर जोरदार प्रदर्शन किया। सभी ने हाथों में काला झंडा थामकर प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम स्थल पर कार से उतरते समय स्वास्थ्य मंत्री चंद्राकर को घेरकर छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करने का प्रयास भी किया, लेकिन मौके पर तैनात पुलिस बल और मंत्री की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मियों ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। इसके बाद चांपा पुलिस ने छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के करीब 25 पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। 

विरोध-प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे पार्टी के प्रदेश महामंत्री मो. इब्राहिम मेमन ने बताया कि सरकार ने जिले भर में सरकारी अस्पताल तो खुलवा दिए हैं, लेकिन वहां किनका बेहतर उपचार हो रहा है, यह सरकार ही बताए। सरकारी अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीज बेहतर उपचार के अभाव में थक-हारकर निजी अस्पतालों में जाकर इलाज करवाने मजबूर हैं। इससे उन्हें आर्थिक समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है, लेकिन सरकार को गरीबों की चिंता नहीं है। उन्होंने बताया कि चांपा के स्व. बिसाहूदास महंत स्मृति शासकीय चिकित्सालय में बर्न यूनिट खोले जाने की स्वीकृति मिल चुकी थी, लेकिन सरकार की उदासीनता से यहां आज तक बर्न यूनिट की स्थापना नहीं हो सकी। 

इस वजह से अग्रि दुर्घटना के मरीजों को दूसरे जिले में संचालित अस्पतालों का मुंह ताकना पड़ता है। जिला अस्पताल के नाम पर केवल विशालकाय बिल्डिंग ही बनवा दी गई है, लेकिन वहां न तो विशेषज्ञ हैं और न ही आवश्यक संसाधन उपलब्ध है। जिले के सरकारी अस्पताल केवल रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं, जहां मौसमी बीमारियों से पीडि़त लोगों का उपचार भी नहीं हो पाना बड़ी शर्मनाक बात है। मो. इब्राहिम ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार प्रदेश में निजी अस्पतालों को बढ़ावा दे रही है। यही वजह है कि सरकारी अस्पतालों में व्याप्त अव्यवस्थाओं को दूर नहीं किया जा रहा है और उन अस्पतालों को सरकार केवल नाममात्र के लिए संचालित कर रही है। 

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