शुक्रवार, 21 जुलाई 2017

अंचलवासियों के लिए वरदान से कम नहीं एनकेएच अस्पताल-चंद्राकर, स्वास्थ्य मंत्री ने किया चांपा में मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल का शुभारंभ

चांपा. ऊर्जानगरी कोरबा में सफलतापूर्वक सेवा देने के बाद चांपा में एनकेएच मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का शुभारभ हुआ है। यह अंचलवासियों के लिए वरदान से कम नहीं है। यहां माड्यूलर ओटी के साथ सेन्ट्रल आईसीयू व डायलिसिस सेंटर की सुविधा जरूरतमंद मरीजों को मिलेगी। ये बातें प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अजय चंद्राकर ने शुक्रवार को कही। वे एनकेएच मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का शुभारंभ करने के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारियों से पीडि़त लोगों को महानगरों की तर्ज पर अब चांपा में ही बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इस अस्पताल में गरीबों का भी विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि इसके पूर्व मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल कोरबा या बिलासुपर में संचालित होते रहे हैं। जिले के लोगों को जरूरत के अनुसार कोरबा या बिलासपुर का रूख करना पड़ता था, लेकिन अब यहां मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल शुरू होने के बाद लोगों को काफी राहत मिलेगी। शुभारंभ कार्यक्रम में कोरबा सांसद बंशीलाल महतो, संसदीय सचिव लखनलाल देवांगन, विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष नारायण प्रसाद चंदेल, कोरबा विधायक जयसिंह अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। 

उल्लेखनीय है कि जिले में पिछले कुछ वर्षों के भीतर लगातार औद्योगिक इकाईयों के खुलने से भारी वाहनों की संख्या में इजाफा हुआ है। औद्योगिक इकाईयों से भारी वाहनों के जरिए प्रदेश सहित दीगर राज्यों में माल आयात-निर्यात किया जाता है। सडक़ों पर लगातार भारी वाहनों के आवागमन से सडक़ हादसों में भी इजाफा हुआ है। इसके अलावा औद्योगिक इकाईयों के प्रदूषण से जिले के लोग टीबी, कैंसर सहित विभिन्न तरह की गंभीर बीमारियों की चपेट में आकर बीमार हुए हैं, जिन्हें स्थानीय स्तर पर आवश्यक सुविधा और संसाधन के अभाव में बेहतर इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही थी। मजबूरी में उन्हें सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए जाना पड़ रहा था, लेकिन वहां भी इलाज के नाम पर खानापूर्ति की जा रही थी। खासकर, आगजनी और सडक़ हादसे के मामलों में घायलों को समय पर बेहतर उपचार की सुविधा नहीं मिलने से उन्हें जान तक गंवानी पड़ रही थी। ऐसे लोगों के लिए एनकेएच मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल वरदान से कम नहीं है।
 

आश्वासन देकर निकल गए मंत्री

स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिले में ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अस्पतालों में सैकड़ों पद लंबे समय से रिक्त हैं, जिसे भरने के लिए पहल की जाएगी। एक सवाल के जवाब में मंत्री चंद्राकर ने कहा कि चांपा के बीडीएम अस्पताल में बर्न यूनिट के लिए भवन बनकर तैयार है, लेकिन मंजूरी नहीं मिलने के कारण बर्न यूनिट प्रारंभ नहीं हो सकी है। इसके लिए भी कवायद की जाएगी। कुल मिलाकर मंत्री ने एक बार फिर आश्वासन का झुनझुना पकड़ा दिया। आपकों बता दें कि करीब पांच साल पहले इब्राहिम मेमन की पहल पर तत्कालीन राज्यसभा सांसद मोहसिना किदवई की निधि बीस लाख से यहां बर्न यूनिट के लिए भवन बना है, जिस दिन इस भवन का लोकार्पण था, उसी दिन पूर्व उपराष्ट्रपति भैरवसिंह शेखावत का निधन हो गया। इस वजह से तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सहित अन्य नेताओं को बीच में ही कार्यक्रम रोकना पड़ा था। इसके बाद से प्रदेश की भाजपा सरकार ने यहां बर्न यूनिट की मंजूरी देने से ही हाथ खींच लिया है।

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