सोमवार, 24 जुलाई 2017

किसान-मितान केन्द्र को तवज्जों नहीं दे रहे किसान, गिनती के किसान ही पहुंच रहे केन्द्र में जरूरी सलाह लेने

जांजगीर-चांपा. किसान-मितान केन्द्र को जिले के किसान तवज्जों नहीं दे रहे हैं। गिनती के किसान ही सलाह ले रहे हैं। केन्द्र खुलने के 20 दिन में एक दर्जन के करी किसानों ने ही विभाग के टोल फ्री व सीधे मुलाकात कर खेती-किसानी की जानकारी ली है, जबकि जिले में किसानों की संख्या हजारों में है।

खरीफ  सीजन में 2 लाख 46 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में जिले के हजारों किसान खेती-किसानी कर धान फसल ले रहे हैं, लेकिन आधुनिक तरीके से खेती-किसानी करने में किसान दिलचस्पी नहीं लेते। यही वजह है कि कृषि विभाग द्वारा संचालित किसान-मितान केन्द्र से किसान खेती-किसानी के संबंध में जानकारी लेना उचित नहीं समझ रहे हैं। केन्द्र की शुरूआत हुए 20 दिन पूरे हो गए हैं, जहां अब तक सिर्फ  एक दर्जन किसानों ने ही पंजीयन कराकर कृषि विभाग की शासकीय योजनाओं की जानकारी ली है। खेती-किसानी के संबंध में भी गिनती के किसान ने जानकारी ली है, जबकि जिले में किसानों की संख्या हजारों में है।


योजना के संबंध में ली जानकारी

किसान-मितान केन्द्र के टोल फ्री नंबर से संपर्क कर जिले के करीब एक दर्जन किसानों ने कृषि और उद्यानिकी विभाग में संचालित योजनाओं की जानकारी ली है। इसमें क्रेडा विभाग के सौर सुजला योजना के तहत बोर खनन करने की जानकारी ली गई है। उद्यानिकी विभाग द्वारा दिए जाने वाले नि:शुल्क अदरक लगाने, हल्दी लगाने, मिर्च बीज की जानकारी ली गई है। वहीं कुछ किसानों ने ड्रीप के संबंध में, खेत में कितना मात्रा में उर्वरक डालने, सल्फर के उपयोग, फसल बीमा, पानी में डूबे धान फसल के संबंध में पूछा है। फसल बीमा के संबंध में भी किसानों ने पूछा है। 


जानकारी ले रहे किसान

किसान-मितान केन्द्र को जिले के किसान तवज्जो दे रहे हैं। कृषि व उद्यानिकी फसल के संबंध में जानकारी ले रहे हैं। कृषि की आधुनिक विधि के संबंध में जानकारी ले रहे हैं।

-एलएम भगत, उपसंचालक, कृषि

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