फैक्ट्री प्रबंधन के प्रति बहेराडीहवासियों में आक्रोश
कलेक्टोरेट घेराव की तैयारी कर रहे प्रभावित ग्रामीण
कलेक्टोरेट घेराव की तैयारी कर रहे प्रभावित ग्रामीण
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| दिलहरण यादव |
जांजगीर-चांपा. चांपा के समीपस्थ ग्राम बहेराडीह में संचालित कृष्णा इंडस्ट्रीज में कार्यरत ग्राम बहेराडीह निवासी दिलहरण यादव की टीबी रोग से बिलासपुर स्थित सिम्स में मौत हो गई। फैक्ट्री में कार्यरत दर्जन भर मजदूरों की अब तक मौत हो चुकी है। वहीं करीब दर्जनभर मजदूरों की इलाज जारी है। फैक्ट्री के प्रदूषण ने आसपास के गांव के लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत पर प्रशासन कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है, इससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
चांपा तहसील अंतर्गत ग्राम बहेराडीह में कृष्णा इंडस्ट्रीज संचालित है। यहां कोयला, रेत तथा केमिकल के साथ पत्थर की पिसाई के्रशर तथा अन्य मशीनों से करते हुए ईंट तैयार किया जा रहा है, जिसे लकड़ी की भट्ठी जलाकर पकाया जाता है। इससे निकलने वाले केमिकल जहरयुक्त धूल के भारी मात्रा में हवा के साथ उडऩे से बहेराडीहवासियों को जीना मुहाल हो गया है। प्रदूषण से परेशान ग्रामीण रामबाई यादव ने बताया कि फैक्ट्री से बड़े पैमाने पर निकलने वाले धूल से श्वांस लेना दूभर हो गया है। ग्रामीण टीबी जैसी खतरनाक बीमारी तथा त्वचा रोग से ग्रसित हैं। वहीं मशीन की तेज आवाज से लोग बहरेपन के शिकार हो रहे हैं। टीबी बीमारी से फैक्ट्री में कार्यरत दर्जनभर मजदूरों की मौत के बाद भी प्रशासन नींद से नहीं जाग रहा है। जबकि राकांपा की जिलाध्यक्ष सुनीता दुबे के नेतृत्व में फैक्ट्री बंद करने की मांग को लेकर कलेक्टोरेट का घेराव कई बार किया जा चुका है। बावजूद इसके प्रशासन कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है। प्रशासन की उदासीनता से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब राजधानी रायपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास के घेराव का निर्णय लिया है। ज्ञात हो कि 29 अगस्त 2016 को गांव के उपसरपंच जितेन्द्र यादव ने रायपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मुलाकात कर ग्रामीणों की मौत की वजह बने कृष्णा इंडस्ट्रीज को तत्काल बंद करने, फैक्ट्री में कार्यरत मजदूरों की टीबी रोग से इलाज के दौरान मौत की जांच, दोषियों पर कड़ी कार्यवाही तथा मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की थी। इस पर महज एक मृतक के परिजन को मुआवजा प्रदान किया गया।

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