जांजगीर-चांपा. जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी की सदस्य विभा पाण्डेय ने जिला जेल का निरीक्षण किया। इस दौरान बंदियों की जागरूकता के लिए विधिक साक्षरता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्राधिकरण की सचिव पाण्डेय ने बताया कि अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी द्वारा पिछले माह जिला जेल का निरीक्षण किया था और क्षमता से ज्यादा कैदियों को बैरकों में रखे जाने पर चिंता जताई थी। कमेटी ने यह भी पाया था कि जिला जेल में नए बैरकों का निर्माण किया गया है, जिसमें छोटी-मोटी कमियों एवं बिजली की सुविधा नहीं होने के कारण उसका उपयोग नहीं किया जा रहा है। अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी के अध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव द्वारा सक्रियता दिखाए जाने पर अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी के सदस्य कलेक्टर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा त्वरित कार्यवाही कर उन खामियों का निदान करते हुए नए बैरकों में बंदियों को शिफ्ट किए जाने का निर्देश जेल अधीक्षक को दिया गया था।
प्राधिकरण की सचिव एवं अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी की सदस्य पाण्डेय ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्रीवास्तव के निर्देश पर मंगलवार को उन्होंने जिला जेल जाकर निरीक्षण किया और पाया कि नए बैरकों में बंदियों को शिफ्ट कर दिया है, जिससे व्यवस्था में सुधार प्रकट हुआ है। पाण्डेय ने बताया कि जिला जेल में विचाराधीन बंदियों के लिए विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन भी किया गया। विचाराधीन बंदियों को विधिक जानकारी प्रदान करते हुए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की योजना नालसा (नशा पीडि़तों को विधिक सेवाएं एवं नशा उन्मूलन के लिए विधिक सेवाएं) योजना 2015 के बारे में जानकारी प्रदान की गई।
साथ ही ऐसे बंदियों की जानकारी प्राप्त की गई, जिनकी ओर से पैरवी के लिए कोई अधिवक्ता नियुक्त नहीं हो रहे हैं। जेल अधीक्षक को ऐसे बंदियों की पहचान कर उनके विधिक सहायता के आवेदन प्राधिकरण को भिजवाए जाने का निर्देश दिया गया। इस दौरान प्राधिकरण की सचिव पाण्डेय के साथ नवपदस्थ प्रशिक्षु न्यायाधीश मंजूषा टोप्पो, लोकेश पाटले, जेल अधीक्षक टीआर पटेल तथा जेल के कर्मचारी उपस्थित थे।

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