सक्ती. ग्राम पंचायत खूंटादहरा में पुनर्मतगणना में पराजित प्रत्याशी कौशल्या राठौर को एसडीएम ने 6 मतों से विजयी घोषित किया था, मगर एसडीएम के आदेश पर उच्च न्यायालय ने आगामी आदेश तक रोक लगा दिया। मुश्किल से 10-12 दिन सरपंच रही कौशिल्या राठौर की सरपंची का सपना अधूरा रह गया।
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| फाइल फोटो |
सक्ती विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत खुँटादहरा में हुए पंचायत चुनाव में सरपंच पद के लिए कौशल्या पटेल पति महेन्द्र पटेल ने 6 मतों से विजय प्राप्त की थी, जिस पर पराजित प्रत्याशी कौशल्या राठौर पति डहारू राम ने मतगणना से असन्तुष्ट होकर पुनर्मतगणना का आवेदन एसडीएम को दिया था, जिस पर एसडीएम ने 20 अप्रैल को ग्राम पंचायत खुँटादहरा में हुए पंचायत चुनाव के मतों की पुनः गणना कराई। उक्त निर्वाचन में सरपंच पद के लिए 6 प्रत्याशी मैदान में थे, जिसमें कौशिल्या महेन्द्र पटेल, कौशिल्या डहरू राठौर, ज्योति अनिल बहादुर राठौर, प्रीति राठौर, रेवती बाई पटेल, लकेश्वरी बाई मैदान में थे। कुल हुए मतदान में 898 मत पड़े थे, जिसमें 78 मतों को निरस्त किया गया था और 820 मत वैध पाए गए थे। कौशिल्या राठौर इस चुनाव के दौरान 6 मतों से पराजित घोषित की गई थी, जिससे असन्तुष्ट होकर उनके द्वारा पहले एसडीएम को पुनर्मतगणना के लिए आवेदन दिया गया था। एसडीएम द्वारा दोनों पक्षों को सुनने के बाद संबंधित चुनाव के मतों की पुनर्गणना का आदेश पारित किया गया। जिसके अंतर्गत एसडीएम कार्यालय में मतों की पुनर्गणना दोनों पक्षों एवं अधिवक्ताओं सहित जनपद अधिकारी की उपस्थिति में हुई।
इसमें पराजित महिला सरपंच कौशिल्या राठौर पति डहारू को 240 मत प्राप्त हुए और सरपंच कौशिल्या महेन्द्र पटेल को 234 मत प्राप्त हुए जिस पर एसडीएम ने चुनाव में पराजित महिला प्रत्याशी कौशिल्या राठौर को 6 मतों से विजयी घोषित करते हुए पूर्व के चुनाव परिणाम को शून्य घोषित किया गया। इस पुनर्मतगणना से जहां वर्तमान सरपंच की कुर्सी चली गई, वहीं पराजित प्रत्याशी को विजयश्री प्राप्त हुई। एसडीएम न्यायालय के आदेश को कौशिल्या पटेल ने हाई कोर्ट में चुनौती दी इस पर हाई कोर्ट ने एसडीएम न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी।

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