सोमवार, 1 मई 2017

डीईओ विकास को भारी पड़ा आहाता नीति का उल्लंघन, सस्पेंड, नवीन कदम ने प्रमुखता से उठाया था परिसर में चखना सेंटर खुलने का मुद्दा

जांजगीर-चांपा. राज्य शासन की अहाता नीति का उल्लंघन जिला आबकारी अधिकारी विकास गोस्वामी को महंगा पड़ गया। प्रदेश के आबकारी मंत्री अमर अग्रवाल ने सोमवार को विभागीय बैठक लेकर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश जारी किया है। ज्ञात हो कि जिले में संचालित शराब दुकानों में अहाता नीति का उल्लंघन होने तथा परिसर में अवैध रूप से चखना दुकान खोले जाने का मुद्दा ‘दैनिक नवीन कदम’ ने पिछले दिनों प्रमुखता से उठाया था, जिस पर संज्ञान लेते हुए आबकारी मंत्री अग्रवाल ने जिला आबकारी अधिकारी गोस्वामी को निलंबित करने का फरमान जारी किया है।
वाणिज्यिक कर मंत्री अमर अग्रवाल ने सोमवार को रायपुर स्थित आबकारी भवन में विभागीय बैठक लेकर अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा की। आबकारी मंत्री ने समीक्षा के दौरान जिला आबकारी अधिकारी विकास गोस्वामी सहित प्रदेश के तीन अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर तीनों अधिकारियों का निलंबन आदेश मंत्रालय से वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग ने जारी कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में जांजगीर-चांपा के जिला आबकारी अधिकारी विकास गोस्वामी, सूरजपुर के जिला आबकारी अधिकारी आशीष कोसम और रायपुर जिले के सहायक जिला आबकारी अधिकारी पीके शुक्ला का नाम शामिल हैं।

नवीन कदम में प्रमुखता से प्रकाशित खबर
अलग-अलग जारी निलंबन आदेशों में तीनों अधिकारियों पर शासकीय कार्य में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है। जांजगीर-चांपा के निलंबित जिला आबकारी अधिकारी गोस्वामी पर राज्य शासन की अहाता नीति के उल्लंघन का आरोप है। सूरजपुर के निलंबित जिला आबकारी अधिकारी कोसम के निलंबन आदेश के अनुसार उन पर पद से संबंधित कार्य में लापरवाही के कारण शासन को राजस्व क्षति होने और समीक्षा बैठक में उनके द्वारा कदाचरण किए जाने का आरोप है। इसी तरह रायपुर के निलंबित जिला सहायक आबकारी अधिकारी शुक्ला के निलंबन आदेश में क्राउन डिस्टलरी में अपने पद से संबंधित कार्यों में लापरवाही बरतने और इसके कारण अवैध मदिरा की निकासी के कारण सरकार को राजस्व क्षति होने का आरोप लगाया गया है। 

मुख्यालय में किया गया परिवर्तन

निलंबन अवधि में तीनों अधिकारियों का मुख्यालय परिवर्तित कर दिया गया है। गोस्वामी को रायपुर स्थित आबकारी उपायुक्त संभागीय उडऩदस्ता कार्यालय से, कोसम को सहायक आयुक्त आबकारी जांजगीर के कार्यालय से और शुक्ला को जिला आबकारी कार्यालय रायगढ़ से संलग्न किया गया है। समीक्षा बैठक में वाणिज्यिक कर मंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य में एक अप्रैल से लागू नई आबकारी नीति के क्रियान्वयन के संबंध में भी विस्तार से जानकारी ली। आबकारी मंत्री ने हाथभ_ी और अवैध शराब की बिक्री की रोकथाम के लिए राज्य भर में सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए। 

हर माह स्टॉक सत्यापन के निर्देश

मंत्री अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि शराब की तस्करी रोकने के लिए राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी कड़ी निगाह रखी जाए। उन्होंने राज्य के डिस्टलरी और बाटलिंग यूनिट से मदिरा की अवैध निकासी न हो, इसके लिए भी अधिकारियों को सतत् निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में शराब निर्धारित मूल्य से ज्यादा कीमत में नहीं बेची जानी चाहिए। अगर ऐसा पाया गया तो संबंधित दुकानों में कार्यरत विक्रेता के खिलाफ  कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वाणिज्यिक कर मंत्री ने शराब दुकानों में अहाता के लिए शासन द्वारा जारी नीति का पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके तहत दुकान से खाद्य सामग्री के लाइसेंसी ठेले अधिकृत शराब दुकानों से 50 मीटर दूर रहने चाहिए, तभी उन्हें ठेला लगाने की अनुमति मिलेगी। उन्होंने जिलेवार सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण और प्रत्येक दुकान का हर माह नियुक्त चार्टड एकाउंटेंटो से स्टॉक आदि का सत्यापन भी करने के निर्देश दिए।

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