सोमवार, 1 मई 2017

जिला अस्पताल में अपै्रल में हुए 152 संस्थागत प्रसव, एक भी मां या शिशु की नहीं हुई मृत्यु, पहली बार बड़ी सफलता

जांजगीर-चांपा. जिला अस्पताल में संस्थागत प्रसव के लक्ष्य को पूरा करते हुए अपै्रल माह में 152 प्रसव कराया गया, इनमें 37 सिजेरियन प्रसव के मामले शामिल हैं। स्थापना के बाद पहली बार जिला अस्पताल में एक माह में इतनी संख्या में संस्थागत प्रसव कराए गए। सकारात्मक पहलू यह रहा कि प्रसव के इन 152 प्रकरणों में एक भी मां या शिशु की मृत्यु नहीं हुई है। 

ज्ञातव्य है कि पिछले मार्च में जिले के प्रभारी सचिव आरपी मण्डल ने जिला अस्पताल भ्रमण के दौरान हर माह 150 संस्थागत प्रसव कराने के निर्देश दिए थे। कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन ने भी जिला अस्पताल में संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ाने के लिए सभी चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टॉफ, जिले के 102 और 108 की टीम, बलौदा, पामगढ़, अकलतरा और नवागढ़ के स्वास्थ्य अमले तथा मितानिनों की बैठक लेकर कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए थे। कलेक्टर डॉ. भारतीदासन की सतत मॉनीटरिेग और प्रोत्साहन के कारण कार्य योजना बनाकर संस्थागत प्रसव के मामले में जिला अस्पताल को अपै्रल माह में यह अच्छी सफलता मिली है। वर्तमान में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. पीसी जैन सिविल सर्जन के रूप में जिला अस्पताल में पदस्थ हैं, जिसका लाभ भी मिल रहा है। 

जिला अस्पताल में एक अतिरिक्त स्त्री रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। सीएमएचओ डॉ. व्ही जय प्रकाश ने बताया कि जिले में 271 उप स्वास्थ्य केन्द्र हैं,  जिनमें से 172 में स्वयं के भवन नहीं हैं। ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है। ऐसे क्षेत्रों की सभी गर्भवती महिलाओं को जिला अस्पताल में लाने के लिए स्वास्थ्य अमले द्वारा सतत रूप से प्रयास किया जा रहा है, ताकि सुरक्षित तरीके से संस्थागत प्रसव संपन्न हो सके। जिले में संस्थागत प्रसव बढ़ाने के लिए 102 और 108 के सभी अमले को सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। 

सेवाओं से प्रसूताएं हैं संतुष्ट

ग्राम दतौद की पूजा भारती, पुटपुरा की चम्पा और अवराईकला की कविता खुंटे का सुरक्षित प्रसव जिला अस्पताल में हुआ है। ये सभी माताएं अपने बच्चों के साथ अस्पताल में खुश हैं। इन प्रसूताओं ने जिला अस्पताल से उन्हें मिल रही चिकित्सकीय सेवाओं के प्रति संतोष जाहिर किया है। 

मिलेगी और अच्छी सुविधाएं

कलेक्टर डॉ. भारतीदासन के निर्देश पर मातृ और शिशु स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए जिला अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर, प्रसूति वार्ड, शौचालय, प्रतिक्षालय, नवजात शिशु गहन चिकित्सा वार्ड आदि के उन्नयन के लिए प्राक्कलन तैयार किया गया है। ज्ञातव्य है कि पिछले 25 अपै्रल को जिला अस्पताल के भ्रमण के दौरान संचालक स्वास्थ्य सेवाएं आर प्रसन्ना ने अस्पताल के उन्नयन कार्य के लिए राशि आबंटन के लिए अपनी सहमति प्रदान कर दी है। वर्तमान में जिला अस्पताल में नवजात बीमार शिशुओं के उच्च स्तरीय उपचार के लिए ‘सिक न्यूबार्न केयर यूनिट’ निर्माणाधीन है। इस यूनिट के पूरी तरह तैयार होने के बाद यहां बीमार नवजात बच्चों को गहन उपचार प्राप्त हो सकेगा।

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