राजेन्द्र जायसवाल @ चांपा. प्लास्टिक कैरी बेग की रोकथाम के लिए नगर में एक बार फिर से अभियान शुरू होने वाला है। नगरपालिका सीएमओ और अध्यक्ष ने इसे लेकर कार्ययोजना बनाई है, जिसके अनुसार प्लास्टिक कैरीबैग का उपयोग करने वालों को पहले समझाइश दी जाएगी, इसके बाद भी यदि वे नहीं मानते हैं तो कार्यवाही की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में एक जनवरी 2015 से प्लास्टिक कैरी बैग के निर्माण, भंडारण, आयात, विक्रय तथा परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 में प्रदत्त शक्तियों के आधार पर लगाया गया है। इस आदेश के प्रभावी होने के बाद शुरूआती दिनों में जिला प्रशासन एवं नगरीय निकायों के अधिकारियों ने जिले भर में अभियान चलाकर दुकानों से प्लास्टिक कैरी बैग जब्त किया था। इस दौरान दुकानदारों को प्लास्टिक कैरी बैग उपयोग में नहीं लाने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन शासन-प्रशासन की यह मुहिम कुछ दिनों बाद ठंडी पड़ गई, जिसके कारण एक बार फिर से शहर में प्लास्टिक कैरी बैग का धड़ल्ले से उपयोग होने लगा है। इससे न केवल पर्यावरण पर असर पड़ रहा है, बल्कि जीव-जन्तु भी प्रभावित हो रहे हैं। प्लास्टिक कैरी बैग खाकर गाय, बैल और अन्य मवेशी बेमौत मारे जा रहे हैं। नगर में प्लास्टिक कैरी बैग का चलन एक बार फिर तेजी से बढऩे से चिंतित नगरपालिका अध्यक्ष राजेश अग्रवाल एवं सीएमओ ज्योत्सना टोप्पो ने इस पर सख्ती से अंकुश लगाने की कार्ययोजना बनाई है। बताया जा रहा है कि इसे लेकर नगर में जल्द ही अभियान शुरू होने वाला है। अभियान के तहत पहले व्यापारियों को प्लास्टिक कैरी बैग उपयोग में नहीं लाने की समझाइश दी जाएगी, इसके बाद भी वे नहीं मानते हैं तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
इसलिए बनाई गई कार्ययोजना
प्रदेश भर में प्लास्टिक कैरी बैग पर प्रतिबंध को लेकर नितिन सिंघवी ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उनके मामले में हाईकोर्ट ने हाल ही में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव को तलब किया है, उन्हें 10 अगस्त को कोर्ट में पेश होकर इस बात का जवाब देना है कि प्लास्टिक पर बैन के बाद भी क्यों हर जगह पॉलीथीन दिख रहे हैं। कोर्ट ने पर्यावरण संरक्षण मंडल के सचिव, सभी कलेक्टर एवं पर्यावरण संरक्षण मंडल के सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को भी इस मामले में पक्षकार बनाया है। संभवत: इसलिए नपा के जिम्मेदारों ने प्लास्टिक कैरी बैग के उपयोग पर अंकुश लगाने को लेकर कार्ययोजना बनाई है।
हाईकोर्ट ने माना खतरनाक
याचिकाकर्ता नितिन सिंघवी ने हाईकोर्ट में कहा है कि राज्य में प्लास्टिक कैरी बैग पर प्रतिबंध के बाद भी इस मामले के उत्तरदायी अथारिटीज केवल फाइन करके इसका इस्तेमाल करने वालों को छोड़ रहे है, जबकि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उनकी याचिका पर हाईकोर्ट ने कहा कि प्लास्टिक कैरी बैग के उपयोग पर प्रतिबंध लगने के बाद कुछ दिनों तक तो ठीक रहा, लेकिन अब प्लास्टिक कैरी बैग सब जगह दिख रहे हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्लास्टिक कैरी बैग आने वाली पीढिय़ों के लिए खतरा बढ़ा रहे हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें