राजकुमार दरयानी @ सक्ती. प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह तक अपनी पहुंच बताकर प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में फर्जीवाड़ा करना ग्राम पंचायत परसदाखुर्द के सरपंच को महंगा पड़ गया। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम एवं पुलिस ने कई दिनों तक मामले की जांच-पड़ताल की। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर सक्ती पुलिस ने उसके विरूद्ध धोखाधड़ी का जुर्म दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी सरपंच को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।
सक्ती पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत परसदाखुर्द के ग्रामीणों द्वारा सरपंच सत्यप्रकाश महंत के विरूद्ध अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), पुलिस अधीक्षक जांजगीर, पुलिस महानिदेशक बिलासपुर एवं सक्ती थाने में लिखित शिकायत करते हुए कार्यवाही की मांग की गई थी। अपने शिकायत में ग्रामीणों ने सरपंच सत्यप्रकाश महंत पर प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर रुपए लेने का आरोप लगाया था। ग्रामीणों ने शिकायत में कहा था कि प्रधानमंत्री आवास के तहत हितग्राहियों की सूची जारी हुई तो सरपंच द्वारा हितग्राहियों के घर-घर जाकर योजना का लाभ दिलाने के एवज में 5 हजार से 10 हजार रुपए तक की मांग की गई थी। चार माह पहले रकम लेने के बाद सरपंच महंत द्वारा सप्ताह, पन्द्रह दिन का नाम लेकर घुमाया जा रहा था, जिससे थक-हारकर ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय तथा थाने सहित अन्य अधिकारियों से लिखित में शिकायत की थी। शिकायतकर्ता शांति प्रसाद पिता मोहित राम, सेतराम पिता मोहित राम, कुंजबिहारी पिता बिहारी, बद्री प्रसाद पिता मोहित राम, शिवप्रसाद पिता तिलक राम, ईश्वर राम पिता शिवदयाल, चमार सिंह पिता सुखीराम द्वारा एसडीएम सहित सक्ती थाना प्रभारी के समक्ष शपथ पत्र के साथ लिखित शिकायत पेश की गई थी।
लाभ दिलवाया न राशि लौटाई
ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में यह भी कहा था कि सरपंच महंत ने ग्रामीण सेतराम से 1000 रुपए, कुंजबिहारी से 4000 रुपए, बद्रीप्रसाद से 4000 रुपए, शिवप्रसाद से 2000 रुपए, ईतवारीराम से 2500 रुपए, चमार सिंह से 1000 रुपए आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर वसूले, लेकिन न तो योजना का लाभ दिलवाया और न ही राशि वापस की। ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सक्ती थाना प्रभारी केएल यादव ने जांच अधिकारी नियुक्त किया था। जांच अधिकारी एसआई अंजोर सिंह श्रोते द्वारा ग्रामीणों की शिकायत पर जांच प्रारंभ की गई तथा सभी पहलुओं पर बारीकी से छानबीन की गई। ग्रामीणों का बयान लेकर उन्होंने जांच प्रतिवेदन थाना प्रभारी को सौंपा, जिसके आधार सक्ती पुलिस ने सरपंच सत्यप्रकाश महंत (52) पिता कन्हैयादास के खिलाफ धारा 420 तहत जुर्म पंजीबद्ध किया। थाना प्रभारी यादव ने बताया कि आरोपी सत्यप्रकाश महंत को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।
सीएम तक पहुंच होने की धमकी
प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में गड़बड़ी करने तथा ग्रामीणों से अवैध उगाही करने वाला सरपंच सत्यप्रकाश महंत अपनी पहुंच प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह तक होने की धमकी ग्रामीणों को देता था। ग्रामीणों ने बताया कि उनके द्वारा मामले की शिकायत किए जाने के बाद सरपंच गांव में यह कहता फिरता था कि ग्रामीणों की शिकायत से उसका कुछ नहीं बिगड़ेगा, क्योंकि उसकी पहुंच सीधे प्रदेश के मुखिया तक है। सरपंच यह भी धमकी देता था कि अब वह शिकायतकर्ताओं को पीएम आवास योजना का लाभ भी नहीं दिलवाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच महंत रसूखदार के नाम से जाना जाता है। अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए वह हमेशा ग्राम पंचायत के विभिन्न विकास कार्यो में भ्रष्टाचार एवं घोटाला करने में लगा रहता था, लेकिन थाने में अपराध दर्ज होने तथा गिरफ्तारी के बाद सरपंच की सारी हेकड़ी निकल गई।

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