शनिवार, 15 जुलाई 2017

प्रभारी मंत्री बोले-आदत सुधारो या तो समेट लो बोरिया-बिस्तर! भाजपा पदाधिकारियों की शिकायत सुन नपा सीएमओ पर बिफरे मंत्री

चांपा. नगरपालिका परिषद चांपा में एक-एककर लगातार सामने आए भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर प्रदेश के नगरीय प्रशासन तथा जिले के प्रभारी मंत्री ने नपा सीएमओ की जमकर क्लास ली है। बताया जा रहा है कि प्रभारी मंत्री ने सीएमओ को अपनी आदत में तत्काल सुधार लाने कहा है, अन्यथा बोरिया-बिस्तर समेटने की चेतावनी तक दी है। प्रभारी मंत्री की फटकार से सीएमओ की बोलती बंद हो गई है।

दरअसल, नगरीय प्रशासन एवं जिले के प्रभारी मंत्री अमर अग्रवाल से चांपा नगर भाजपा मंडल के पदाधिकारियों ने नपा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर शुक्रवार को जांजगीर स्थित जिला भाजपा कार्यालय में मुलाकात की। भाजपा पदाधिकारियों ने नगरपालिका में अब तक सामने आए भ्रष्टाचार के सभी मामलों से प्रभारी मंत्री को अवगत करवाया। भाजपा पदाधिकारियों से पूरी जानकारी लेने के बाद प्रभारी मंत्री अग्रवाल ने सीएमओ ज्योत्सना टोप्पो को तत्काल मौके पर हाजिर किया तथा कड़ी फटकार लगाई। बताया जा रहा है कि प्रभारी मंत्री ने सीएमओ को दो-टूक शब्दों में कहा कि नगरपालिका चांपा को भ्रष्टाचार का अखाड़ा न बनाएं। यह कोई चारागाह नहीं है। केन्द्र और राज्य सरकार विकास कार्यों के लिए पैसे दे रही है, ताकि शहर के लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें। मंत्री ने यह भी कहा कि अब किसी भी काम में गड़बड़ी या भ्रष्टाचार की शिकायत मिलेगी तो ठीक नहीं होगा। इस दौरान भाजपा नगर मंडल के पदाधिकारियों ने सीएमओ पर नपा के सभी कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। इसके बाद प्लेसमेंट कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर उनसे मिलने नपा चांपा के उपाध्यक्ष भीषम राठौर, पार्षद पुरुषोत्तम देवांगन, केशव सोनी भी पहुंचे। इन्होंने भी सीएमओ पर सभी कार्यों में भ्रष्टाचार किए जाने का आरोप लगाया है तथा कड़ी कार्यवाही की मांग की।
 

यह है पूरा मामला

नगरपालिका चांपा में आठ लाख की लागत से विद्युत सामग्री खरीदी के लिए सीएमओ ज्योत्सना टोप्पो ने 24 जून को जांजगीर के शिवम इंटरप्राइजेज को आर्डर दिया। सीएमओ टोप्पो ने इसी दिन ही कार्य आदेश बनवा दिया। दो दिन सरकारी छुट्टी होने के कारण 27 जून को आठ लाख का सामान नगर पालिका पहुंचा। कायदे से समान की गुणवत्ता जांचने तथा संख्या मिलान के लिए नगरपालिका के इंजीनियरों के अलावा पार्षदों से भौतिक मूल्यांकन और सत्यापन कराया जाना था, लेकिन सीएमओ टोप्पो ने ठेकेदार पर मेहरबानी जताते हुए फाइल सीधे आडिटर के पास भुगतान के लिए भेज दी। सीएमओ टोप्पो से हरी झंडी मिलने के बाद आडिटर ने भुगतान के लिए आदेश जारी कर दिया। इसकी शिकायत पार्षदों ने कलेक्टर से की थी। पार्षदों का आरोप है कि सीएमओ टोप्पो ने ठेकेदार को भुगतान भी कर दिया, जबकि पार्षदों ने जब नपा में प्राप्त विद्युत सामग्री का सत्यापन किया तो लगभग दो लाख रुपए का समान कम निकला। नपा की आवक-जावक पंजी में क्रमांक 1475 और 1476 खाली जगह छोडक़र रखा गया, जिसमें इसी भुगतान का ब्यौरा दर्ज करने की योजना बनाई गई।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें