जांजगीर-चांपा. महात्मा गांधी नरेगा में काम करने वाले मजदूरों का समय पर मजदूरी का भुगतान किया जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो संबंधित जनपद पंचायत के कार्यक्रम अधिकारी के वेतन से पैसा काटा जाएगा। यह निर्देश जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित महात्मा गांधी नरेगा के कार्यों की समीक्षा बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी अजीत वसंत ने दिए।
उन्होंने कहा कि मजदूरों को 15 दिन के भीतर भुगतान सुनिश्चित किए जाने की जिम्मेदारी कार्यक्रम अधिकारी के साथ ही सहायक प्रोग्रामर और तकनीकी सहायक की है, इसलिए इसकी सतत मानीटरिंग करें। उन्होंने कहा कि मजदूरों को समय पर मजदूरी का भुगतान हो, इसके लिए सभी मजदूरों का खाता पोस्ट ऑफिस से बैंक ट्रांसफर किया जाए। एक सप्ताह के भीतर शिविर लगाकर यह काम करें। उन्होंने कहा कि कार्य पूर्ण होने के बाद भी कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र नहीं लगाए जा रहे हैं। इससे ऑनलाइन अधिक पेंडिंग कार्य दिख रहे हैं। उन्होंने मनरेगा के तहत निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र लगाए जाने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि परिसंपत्ति का निर्माण होने के बाद उसकी फोटो खींचकर जियो टैगिंग की जाए। यह एक अनिवार्य प्रक्रिया है, और इसकी जिम्मेदारी तकनीकी सहायक की है। बैठक में मनरेगा सहायक परियोजना अधिकारी विजयेन्द्र सिंह, प्रोग्रामर गौरव शुक्ला, आरईएस एसडीओ, कार्यक्रम अधिकारी, सहायक प्रोग्रामर, तकनीकी सहायक आदि उपस्थित थे।
आंगनबाड़ी पर कराएं चित्रकारी
जिपं सीईओ ने कहा कि अभिसरण के माध्यम से आंगनबाड़ी भवन, पंचायत भवन, मिनी स्टेडियम, ओडीएफ नाली का निर्माण कराया जा रहा है। इसके मानीटरिंग की जिम्मेदारी आरईएस के एसडीओ की है। इसलिए गुणवत्ता के साथ इनका निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी भवन के अंदर एवं बाहर अच्छे कलर से बाल पेंटिंग की जाए और बच्चों को आकर्षित करने वाली चित्रकारी एवं ज्ञानवर्धक जानकारी लिखी जाए।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें