शनिवार, 15 जुलाई 2017

साढ़े चार सौ विद्यार्थियों के सिर पर मंडराता खतरा, जर्जर भवन में पढऩे को मजबूर डीडीएस स्कूल बिर्रा के छात्र

बिर्रा. शासकीय डीडीएस स्कूल बिर्रा में अध्ययनरत् साढ़े चार सौ विद्यार्थियों के सिर पर खतरा मंडरा रहा है। यह स्कूल भवन पूरी तरह से जर्जर हो गया है, जहां विद्यार्थी अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार, वर्ष 1977 में दीवान परिवार बिर्रा एवं जन सहयोग से शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरस्वती शिक्षण समिति बिर्रा द्वारा दीवान दुर्गेश्वर सिंह विद्यालय का संचालन शुरू किया गया।

धीरे-धीरे विद्यालय का विस्तार होता गया और आसपास के गांवों से छात्र विद्यालय में आकर अपनी जिंदगी को संवारने लगे। कुछ ही समय में विद्यालय का नाम जिले में शुमार हो गया। सबके अथक प्रयास से सन् 2001 में विद्यालय का शासकीयकरण  हो गया। इस विद्यालय में पढ़ाई कर निकले विद्यार्थी आज बैंक आफिसर, इंजीनियर, शिक्षक, डॉक्टर और बिजनेसमैन आदि उच्च पदों पर पदासीन हैं। शासकीय होने के बाद विद्यालय के रख-रखाव पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण आज विद्यालय भवन जर्जर हो गया है। जिन कक्षाओं में छात्र-छात्राएं बैठकर अध्यापन कर रहे हैं, वहां छत का प्लास्टर गिर रहा है। दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। ऐसे में कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।  शनिवार की दोपहर ऐसी ही घटना घटी। दोपहर एक बजे प्राचार्य कक्ष के छत का प्लास्टर गिर गया। गनीमत रही कि उस दिन सुबह स्कूल लगी थी और सभी शिक्षक चले गए थे। अन्यथा बड़ी घटना घट सकती थी।
 

शिक्षकों के अभाव में पढ़ाई प्रभावित

विद्यालय में पढ़ाई का स्तर अच्छा है, लेकिन महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों के अभाव में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। संस्था को पूर्ण प्रभार का प्राचार्य तो मिला है, लेकिन शिक्षकों के अभाव में पढ़ाई कराने की जिम्मेदारी और कोर्स पूरी कराने में दिक्कत होती है। एक ही पाली में मिडिल, हाई स्कूल व हायर सेकेंडरी की कक्षाएं लगती है। हांलाकि मिडिल स्कूल अतिरिक्त कक्ष में संचालित होती है, लेकिन नवमीं से बारहवीं तक की कक्षाओं में लगभग 450 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत् हैं, जिन पर भवन की जर्जर हालत से हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। यहां छात्रों की अपेक्षा छात्राओं की संख्या अधिक है, जिनके लिए शौचालय आदि की सुविधा नहीं है। ऐसे में विद्यालय को नवीन भवन के साथ मूलभूत सुविधाओं की नितांत आवश्यकता है।
 

क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि व प्राचार्य

इस संबंध में जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि चंद्रदेव महंत ने बताया कि डीडीएस स्कूल बिर्रा के जर्जर भवन के बारे में जानकारी मिली है। जल्द ही डीईओ, बीईओ और संबंधित उच्चाधिकारियों को नए भवन व शिक्षकों की कमी से अवगत कराया जाएगा। इस संबंध में सरपंच प्रतिनिधि गोपीचंद कर्ष ने स्कूल का निरीक्षण कर विद्यालय की जर्जर स्थिति से संबंधित विभागीय अधिकारियों को अवगत कराने की बात कही है। विद्यालय के प्राचार्य एचएल कुसरो ने कहा विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, परंतु आज तक इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया है। ऐसे में बच्चों को जर्जर भवन में पढ़ाना खतरे से खाली नहीं है। कभी भी भवन भर-भराकर गिर सकता है।

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