जांजगीर-चांपा. बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र जारी करने मां का आधार नंबर होना जरूरी है। इसी तरह मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भी मृतक का आधार कार्ड देना अनिवार्य होगा। आधार संख्या उपलब्ध कराए जाने के बाद ही प्रमाणपत्र जारी होगा। यह नियम आगामी एक अक्टूबर से जारी हो जाएगा।
आधार कार्य की अनिवार्यता को अब हर शासकीय प्रमाणन से जोड़ा जा रहा है। बोर्ड परीक्षा में फार्म भरने, जेल में परिजनों से मिलने के लिए आधार अनिवार्यता के बाद अब जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आधार आवश्यक कर दिया गया है। जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय इस आशय की जानकारी प्रत्येक ग्राम पंचायतों व चिकित्सालय में जारी कर रहा है। मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के दौरान मृतक का आधार नहीं होने की स्थिति में आवेदन करने वाले व्यक्ति का आधार नंबर लिया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर उस दौरान आवेदक के आधार नंबर के माध्यम से कार्रवाई की जा सके। इसी तरह बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के लिए मां अथवा पिता का आधार का नंबर देना होगा। आधार लिंकअप के माध्यम से जन्म दर की मॉनिटरिंग हो सकेगी। उल्लेखनीय है कि जन्म व मृत्यु दर के आधार पर योजना आयोग जनकल्याणकारी योजना तैयार करता है। वास्तविक पंजीयन के अभाव में योजना का सही लाभ जमीनी स्तर पर लोगों को नहीं मिल पाता। आधार की अनिवार्यता किए जाने से जन्म व मृत्यु दर आंकड़े की सत्यता पर संदेह की संभावना कम होगी।
फर्जी रिकार्ड पर लगेगा विराम
जीवित को मृत बता कर कई बार बीमा राशि आहरण करने अथवा दत्तक बनने की शिकायतें आती रहती है। मृतक के आधार कार्ड होने की स्थिति में उसके नाम पर जाली रिकार्ड अथवा राशि आहरण करने जैसी गड़बड़ी में आसानी से कार्रवाई की जा सकेगी। इसी तरह जीवित व्यक्ति को मृत बताकर बीमा अथवा बैंक की राशि का गबन नहीं किया जा सकेगा।
कार्ड न होने पर बढ़ेगी परेशानी
अब अगर आपके पास मरने वाले शख्स का आधार कार्ड नहीं होगा तो एक अक्टूबर 2017 के बाद उस शख्स का आधार कार्ड बनवाने में दिक्तत होगी। ऐसी स्थिति में मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा रहे शख्स को वह दस्तावेज दिखाने होंगे, जिनसे यह साबित हो सके कि मरने वाले व्यक्ति के पास आधार कार्ड नहीं था। यह नियम जम्मू-कश्मीर, मेघालय और असम को छोडक़र पूरे देश में लागू हो रहा है। इतना ही नहीं, अगर मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदक की तरफ से कोई फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किया जाता है तो उसे आधार एक्ट 2016 के तहत एक अपराध माना जाएगा। जन्म और मृत्यु पंजीकरण एक्ट, 1969 के तहत भी फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करना अपराध की श्रेणी में गिना जाएगा। गृह मंत्रालय की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार आवेदक का आधार भी लिया जाएगा। साथ ही, आवेदक की पत्नी या पति और मां-बाप का आधार कार्ड भी लिया जाएगा।
मां का आधार नंबर अनिवार्य
शासन के निर्देशानुसार जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के लिए मां का आधार नंबर अनिवार्य होगा। इसी तरत मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में भी आधार की अनिवार्यता होगी।

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