जांजगीर-चांपा. शिक्षा विभाग मंत्रालय के आदेश पर कार्रवाई करने में उदासीन है। बीते 14 अगस्त को स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव सुरेंद्र सिंह बाघे ने स्थानांतरण आदेश जारी किया है, जिसमें जिला समेत प्रदेश भर के कई व्याख्याताओं का स्थानांतरण किया गया। वहीं सहायक ग्रेड 1, 2, 3 व लेखापालों का भी स्थानांतरण किया गया है। इसके बावजूद संबंधित कई कर्मचारी पुरानी जगह पर ही डटे हुए हैं।
बताया जा रहा है कि स्थानांतरण से प्रभावित हुए ज्यादातर लोगों ने आदेश के तहत 15 दिन के भीतर नवीन पदस्थापना स्थल पर कामकाज संभाल लिया है, जबकि प्रशासनिक स्तर पर स्थानांतरित हुए कई व्याख्याता, लिपिक स्थानांतरण में फेरबदल कराने जुट गए हैं। ऐसे स्टाफ को आदेश के तहत 15 दिन के भीतर नवीन पदस्थापना स्थल के लिए रिलीव नहीं कर अधिकारी उन्हें आदेश में फेरबदल कराने भरपूर मौका देने में लगे हैं।
डीईओ कराएंगे आदेश का पालन
बीते 14 अगस्त को हमने आदेश जारी कर दिया है। 15 दिन के भीतर डीईओ को इसका पालन कराना है। किसी का स्थानांतरण डीईओ के विकल्प पर संबंधित विकासखंड में किया गया है तो डीईओ संबंधित व्याख्याता को उस ब्लॉक के किसी भी स्कूल में स्थानांतरित कर सकते हैं। मंत्रालय से आदेश जारी हुआ है तो आदेश का पालन भी होना है। अधिकारी इसे नजरअंदाज नहीं कर सकते।

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