जांजगीर-चांपा. यात्री वाहनों से अवैध वसूली की राशि के हिसाब-किताब को लेकर जिले के मुलमुला थाने में पदस्थ एक आरक्षक का उसी थाने के सफाईकर्मी के साथ विवाद हो गया। दोनों के बीच विवाद इतना गहराया कि तैश में आकर आरक्षक ने उस सफाईकर्मी की सरेराह पिटाई कर दी। इस घटना से क्षुब्ध सफाईकर्मी ने चूहामार दवा का सेवन कर लिया। सफाईकर्मी को कुछ लोगों ने तत्काल पामगढ़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती करवाया, जहां त्वरित उपचार मिलने से उसकी हालत अब सामान्य बताई जा रही है। इधर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जांजगीर एसडीओपी ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, मुलमुला पुलिस द्वारा मुलमुला के बस स्टैंड में यात्री वाहनों से लंबे समय से अवैध वसूली कराई जा रही है। बताया जा रहा है कि वाहन चालकों से अवैध वसूली का जिम्मा पुलिस ने मुलमुला थाने के अंशकालीन सफाईकर्मी सूरजकुमार टंडन को सौंपा था। सफाईकर्मी सूरज यह काम काफी समय से करता आ रहा है। मुलमुला के बस स्टैण्ड में वाहन चालकों से की गई अवैध वसूली की राशि का हिसाब-किताब वह मुलमुला थाने में पदस्थ आरक्षक श्रीकांत सेंगर को देता था। शुक्रवार को वाहन चालकों से अवैध वसूली की राशि के हिसाब-किताब को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद आरक्षक श्रीकांत सेंगर ने सफाईकर्मी सूरजकुमार टंडन की सरेराह जमकर पिटाई कर दी। इससे क्षुब्ध होकर सूरजकुमार ने चूहामार दवाई का सेवन कर खुदकुशी करने की कोशिश की। इसकी जानकारी होने पर कुछ लोगों ने उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पामगढ़ पहुंचाया, जहां त्वरित उपचार मिलने से उसकी हालत फिलहाल सामान्य बताई जा रही है। वाहन चालकों से अवैध वसूली तथा सफाईकर्मी द्वारा चूहामार दवा सेवन कर खुदकुशी किए जाने के प्रयास संबंधी इस मामले को लेकर जहां मुलमुला पुलिस सवालों के कटघरे में आ गई है। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का जिम्मा जांजगीर एसडीओपी जितेन्द्र कुमार चंद्राकर को सौंपा है। बहरहाल, अब देखना यह होगा कि जांच अधिकारी आखिर कितने दिनों में इस मामले की जांच पूरी करते हैं तथा जांच रिपोर्ट मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इस मामले में संलिप्त किन-किन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हैं।
प्रशिक्षु डीएसपी पर गंभीर आरोप
चूहामार दवा सेवन किए जाने के बाद मुलमुला थाने के सफाईकर्मी सूरजकुमार टंडन को जब पामगढ़ स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया, तब उसने कहा था कि मुलमुला थाना प्रभारी प्रशिक्षु डीएसपी रश्मित कौर चावला के कहने पर ही वह मुलमुला स्थित बस स्टैण्ड में वाहन चालकों से अवैध वसूली करता था। अवैध वसूली की राशि का हिसाब-किताब वह मुलमुला थाने में पदस्थ आरक्षक श्रीकांत सेंगर को देता था। सफाईकर्मी सूरजकुमार टंडन के इस बयान की वीडियो जब सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुई, तब थाना प्रभारी चावला सहित अन्य पुलिस अधिकारी हरकत में आए। कुछ घंटे बाद सोशल मीडिया में दूसरी वीडियो वायरल हुई, जिसमें सफाईकर्मी सूरजकुमार टंडन ने पूर्व में दिए बयान को बदल दिया था। दूसरी वीडियो में उसने सिर्फ आरक्षक श्रीकांत सेंगर पर वाहन चालकों से अवैध वसूली करवाने तथा मारपीट करने का आरोप लगाते हुए सरेराह हुई पिटाई से क्षुब्ध होकर चूहामार दवा सेवन करने की बात कही थी। दोनों वीडियों की सच्चाई आखिर कितनी है, फिलहाल यह जांच का विषय है।
पहले भी कई बार हो चुका है बवाल
मुलमुला थाना तथा यहां पदस्थ स्टॉफ पिछले कुछ वर्षों से सुर्खियों में बने हुए हैं। इसी थाने में 17 सितंबर 2016 को तत्कालीन थाना प्रभारी जितेन्द्र सिंह राजपूत और उनके स्टॉफ ने ग्राम नरियरा निवासी सतीश नोरगे की जमकर पिटाई की थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस मामले ने काफी तूल पकड़ा, तब तत्कालीन थाना प्रभारी राजपूत सहित अन्य स्टॉफ के विरूद्ध हत्या का जुर्म पंजीबद्ध कर पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करना पड़ा। वहीं कुछ माह पहले अकलतरा निवासी राज्यपाल पुरस्कृत एक नाबालिग की भी इसी थाने में पिटाई का मामला सामने आया, तब नाबालिग और उसके परिजनों ने मौजूदा थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा अकलतरा में कई दिनों तक धरना-प्रदर्शन भी किया गया। अब मुलमुला पुलिस पर वाहन चालकों से अवैध वसूली करवाने तथा सफाईकर्मी की सरेराह पिटाई करने का संगीन आरोप लगा है।
करवा रहे मामले की जांच
मुलमुला थाने से संबंधित मामले की जांच जांजगीर एसडीओपी से करवा रहे हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में सलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट सामने आए बगैर कुछ भी कहना उचित नहीं होगा।

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