जांजगीर-चांपा. दि लेप्रोसी मिशन कंसलटेंसी के तहत यूरोप महाद्वीप के स्वीडन देश से छत्तीसगढ़ पहुंचे विदेशी नागरिक मिस्टर जोनस व मिस्टर लीव 13 अक्टूबर को जिले के प्रथम डिजिटल क्लास रूम के रूप में चिन्हांकित नवागढ़ ब्लाक के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नवापारा अमोदा में पहुंचे। उन्होंने विद्यालय पहुंचकर बच्चों के साथ कुछ वक्त बिताया।
विदेशी नागरिक ने डिजिटल क्लास रूम, ड्रीप इरीगेशन से प्लांटेशन, नवाचारी गतिविधियों से भरे टीएलएम कक्ष का अवलोकन किया। उन्होंने अपने स्वीडिश भाषा में विद्यालय को क्रियात्मक व मनोरंजनात्मक ढंग से प्रकृति के साथ सीखने वाला स्थान बताया। उन्होंने बच्चों व स्टाफ के साथ भी वार्तालाप किया, जिनका उनके साथ पहुंचे मिस्टर किस्मत नंदा ने हिंदी में रूपांतरण किया। मिस्टर जोनस ने पूरे विद्यालय परिसर में घूम-घूमकर अपने मोबाइल से तस्वीरें ली। डिजिटल क्लास रूम के संचालक शिक्षक पंचायत राजेश कुमार सूर्यवंशी ने विदेशी नागरिक सहित अतिथियों के समक्ष डिजिटल क्लास रूम की गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। सूर्यवंशी ने बताया कि पाठ्यपुस्तक को आडियो-विडियो के रूप में रूपांतरित किया गया है, जिसे बच्चे मनोरंजक तरीके से बड़े पर्दे पर देख व सुनकर सीख रहे है। वहीं विद्यालय परिसर में करीब 250 से भी अधिक पौधे लगाए गए हैं, जो बड़ी तेजी से ग्रोथ कर रहे हैं, इन्हे बढ़ाने के लिए ड्रीप इरीगेशन का नवाचार किया गया है। इससे पूर्व विद्यालय पहुंचने पर शिक्षक स्टाफ हीरालाल कर्ष व संतोष श्रीवास ने उनकी अगुवानी की और फूलमाला से उनका स्वागत किया। इस अवसर पर शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष सोनाराम साहू, प्रधानपाठक कन्हैया लाल मरावी, शिक्षक हीरालाल कर्ष, संतोष कुमार श्रीवास, शिक्षक पंचायत राजेश कुमार सूर्यवंशी, साधराम यादव, दि लेप्रोसी मिशन चांपा से मनोज नाग, अनिल धीवर सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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