मंगलवार, 24 अक्टूबर 2017

जांजगीर-चांपा विधानसभा के सीटिंग एमएलए की कट सकती है टिकट, पूर्व मंत्री डॉ. महंत सहित प्रदेश प्रतिनिधि इंजी. रवि व जिपं सदस्य ज्योति के नाम की चर्चा

राजेन्द्र राठौर@जांजगीर-चांपा. वर्ष 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां लगभग सभी बड़े दलों ने शुरू कर दी है। भारतीय जनता पार्टी जहां बूथ लेबल पर समयदानी बैठक आयोजित कर पार्टी पदाधिकारियों का नब्ज टटोल रही है। वहीं भाजपा से एक कदम आगे बढ़ते हुए जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने प्रदेश के कई विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिया है। पिछले डेढ़ दशक से सत्ता से दूर कांग्रेस भी प्रत्याशी चयन के मामले में बूथ स्तर से ही गुणा-गणित कर रही है। इस बीच एक बात यह छनकर सामने आ रही है कि कांग्रेस इस बार जांजगीर-चांपा विधानसभा के सीटिंग एमएलए की टिकट काट सकती है, क्योंकि कांग्रेस को इस सीट के लिए नए चेहरे की तलाश है। 

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव वर्ष 2018 में होना है, जिसके लिए भाजपा, कांग्रेस, बसपा सहित कई छोटे-बड़े दलों ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी बूथ स्तर से खुद को मजबूत करने की कवायद कर रही है। बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं से आवश्यक सुझाव और मार्गदर्शन लिए जा रहे हैं, ताकि पार्टी की ओर से घोषित उम्मीदवार सबकी पसंद से हो और आसानी से चुनाव जीत सके। इसी उद्देश्य को लेकर पिछले दिनों कोरबा में एक बैठक भी रखी गई थी, जिसमें पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं सहित मौजूदा विधायक और सांसदों से आवश्यक सुझाव लिए गए। भाजपा की इस बैठक के चंद दिनों बाद कांग्रेस ने चांपा में बैठक आयोजित की, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर न केवल आवश्यक मार्गदर्शन दिया, बल्कि पार्टी के जिला स्तर के पदाधिकारी एवं विधायक तथा पूर्व प्रत्याशियों से सुझाव भी लिए। पिछले चार-पांच माह के भीतर हुई कांग्रेस की लगातार बैठकों के बाद एक बात यह छनकर सामने आ रही है कि पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी जांजगीर-चांपा के सीटिंग एमएलए मोतीलाल देवांगन की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं हैं। 

चर्चा है कि मौजूदा विधायक देवांगन, पार्टी से दूरी बनाकर अपने हिसाब से काम कर रहे हैं। उनकी इसी कार्यप्रणाली की वजह से पार्टी के अधिकांश पदाधिकारी और कार्यकर्ता नाराज हैं। इस बात का खुलासा राजधानी रायपुर सहित दिल्ली में पिछले दिनों हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में हुआ है। बताया जा रहा है कि संगठन चुनाव को लेकर पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित बैठक में जिले के पदाधिकारियों ने जांजगीर-चांपा विधायक देवांगन का खुलकर विरोध किया है। पदाधिकारियों ने कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी तथा अन्य दिग्गज नेताओं के समक्ष इतना तक कहा है कि यदि कांग्रेस मौजूदा विधायक देवांगन को पुन: टिकट देती है तो उनका भारी मतों से हारना तय है। पदाधिकारियों के इस सुझाव से कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी सहम गए हैं। इसलिए वे इस बार फूंक-फूंककर कदम रखना चाहते हैं। यही वजह है कि उन्होंने जांजगीर-चांपा विधानसभा के लिए इस बार नए चेहरे की तलाश शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि जांजगीर-चांपा विधानसभा क्षेत्र में पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. चरणदास महंत की लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें टिकट के लिए पहले क्रम पर रखा गया है। वहीं राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों की दूसरी पसंद युवातुर्क नेता एवं नवनियुक्त प्रदेश प्रतिनिधि इंजी. रवि पाण्डेय हैं, जिनकी लगातार बढ़ती लोकप्रियता उन्हें जांजगीर-चांपा विधानसभा से टिकट दिलाने में कारगर साबित हो सकती है। इनके अलावा जातिगत समीकरणों को भी ध्यान में रखते हुए कांग्रेस इस सीट से प्रत्याशी चयन की कवायद कर रही है। चूंकि जांजगीर-चांपा विधानसभा में कुर्मी और साहू समाज की बाहुल्यता अधिक है, इसलिए इन दोनों समाज से किसी एक नए चेहरे को चुनाव मैदान में उतारे जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। राजनीति के गलियारों में चर्चा इस बात की भी है कि कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष भूपेश बघेल की पहली पसंद जिला पंचायत सदस्य ज्योति किशन कश्यप है, जो पिछले कुछ माह से विधानसभा क्षेत्र में लगातार सक्रिय होकर पार्टी हित में काम कर रही हैं। उनकी सक्रियता को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस उन्हें इस विधानसभा से प्रत्याशी घोषित करने में रूचि दिखा सकती है। हालांकि इन नामों के अलावा नए-पुराने और भी कई चेहरे हैं, जो इस विधानसभा से टिकट की कतार में लगे हुए हैं, लेकिन उनके नामों को लेकर पार्टी कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। कुल मिलाकर परिस्थिति ऐसी बन रही है कि अगर मौजूदा विधायक का रवैया एकला चलो वाला रहा तो आगामी चुनाव में उनका घर बैठना लगभग तय माना जा रहा है। बहरहाल, आगामी दिनों में कांग्रेस का तीन चरण में सर्वे प्रस्तावित है, जिसमें प्राप्त हुए फीडबैक के आधार पर मौजूदा विधायक को टिकट देने अथवा नहीं देने के अलावा नए चेहरे को मैदान में उतारने के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
 

दो सीटों पर डॉ. महंत का नाम

कांग्रेस के दिग्गज नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. चरणदास महंत का नाम जिले के दो विधानसभा क्षेत्रों में चल रहा है। बताया जा रहा है कि उनकी पहली पसंद सक्ती विधानसभा है, जहां से वे विधानसभा चुनाव लडऩे के इच्छुक ही नहीं, बल्कि प्रबल दावेदार भी हैं। यही वजह है कि पिछले कई माह से वे सक्ती विधानसभा क्षेत्र में लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। चूंकि यह उनका गृह विधानसभा क्षेत्र है और उनके समर्थक इस क्षेत्र में अत्यधिक हैं, इसलिए इस सीट को लेकर उनका रूझान ज्यादा है। मगर सक्ती के पूर्व विधायक और मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री रहे राजा सुरेन्द्र बहादुर सिंह के कई नामचीन समर्थकों की वजह से वे सहमे हुए भी हैं। वहीं उनकी दूसरी पसंद जांजगीर-चांपा विधानसभा है, क्योंकि यहां से पहले भी वेचुनाव जीतकर न केवल विधानसभा पहुंचे हैं, बल्कि अविभाजित मध्यप्रदेश के दिग्गी सरकार में विभिन्न विभागों के मंत्री पद का बागडोर भी संभाल चुके हैं। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि वे दोनों में से किस सीट से अपनी किस्मत आजमाएंगे, लेकिन एक सीट से उनका विधानसभा चुनाव लडऩा तय है।
 

राजेश्री हो सकते हैं कसडोल से प्रत्याशी

धर्म-कर्म के क्षेत्र से राजनीति में आए शबरीनारायण मठ के मठाधीश राजेश्री महंत डॉ. रामसुंदरदास पिछले बार जैजैपुर से चुनाव हारने के बाद वैसे तो इन दिनों राजनीति में कम सक्रिय है, लेकिन कांग्रेस उन्हें एक बार फिर मौका देने की तैयारी में है। पामगढ़ और जैजैपुर विधानसभा से लगातार दो बार चुनाव जीतने वाले राजेश्री भले ही जैजैपुर विधानसभा से दूसरा चुनाव हार गए हैं, लेकिन उनकी सादगी और कांग्रेस के प्रति अपार निष्ठा उन्हें टिकट दिलाने में मददगार हो रही है। राजनीति के जानकारों की मानें तो राजेश्री छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी के कहने पर राजनीति में आए थे। ऐसे में जोगी ने जब जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) नामक नई पार्टी बनाने का ऐलान किया, तब राजेश्री के उनके साथ होने की बात बड़ी तेजी से उठी, लेकिन तमाम चर्चाओं को राजेश्री ने नकारते हुए कांग्रेस का साथ नहीं छोड़ा और अपनी निष्ठा बनाए रखी। यही वजह है कि कांग्रेस उन्हें इस बार कसडोल विधानसभा से चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि छग के नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने उनके नाम पर अपनी सहमति जताई है। ऐसे में इस सीट के दर्जनों दावेदारों को लॉलीपाप देकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता यहां राजेश्री को समायोजित करना चाह रहे हैं।
 

जानिए प्रबल दावेदारों की पृष्ठभूमि

डॉ. चरणदास महंत

अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री स्व. बिसाहूदास महंत के बड़े पुत्र डॉ. चरणदास महंत को प्रदेश में कौन नहीं
जानता। घर से ही राजनीति का माहौल पाने वाले डॉ. महंत युवावस्था से ही राजनीति में लगातार सक्रिय है। वे पहली बार चांपा विधानसभा से वर्ष 1993 में विधायक निर्वाचित हुए थे। इसके बाद लगातार कई बार विधानसभा चुनाव जीतकर उन्होंने विभिन्न विभागों के मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। सिर्फ इतना ही नहीं, राजनीति के क्षेत्र में सक्रियता की वजह से वे कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष, सांसद तथा केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री भी बनाए गए। वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में वे कोरबा से कांग्रेस प्रत्याशी बतौर मैदान में उतरे, लेकिन पार्टी में हावी गुटबाजी की वजह से उन्हें पराजय का मुंह देखना पड़ा, तब से वे पार्टी की राजनीति कर रहे हैं।

इंजी. रवि पाण्डेय

नगरपालिका परिषद जांजगीर-नैला के अध्यक्ष रहे पं. रघुराज प्रसाद पाण्डेय के भतीजे एवं ग्राम सिवनी के मालगुजार इंजी. रवि पाण्डेय बहुत कम समय में कड़ी मेहनत के दम पर ही कांग्रेस के प्रदेश प्रतिनिधि के ओहदे तक पहुंचे हैं। वे काफी समय से कांग्रेस में सक्रिय हैं। एनएसयूआई, युवक कांग्रेस में कई पदों की जवाबदारी संभालने वाले इंजी. रवि आज युवाओं के बीच खासे लोकप्रिय हैं। मिलनसार और सहज होने वाली उनकी खूबी न केवल युवाओं को उनकी मुरीद बना रही है, बल्कि पार्टी के प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी भी उन्हें जांजगीर-चांपा विधानसभा सीट के लिए योग्य उम्मीदवार के रूप में देख रहे हैं।



ज्योतिकिशन कश्यप

बलौदाबाजार जिले के ग्राम झबड़ी से खैरताल में विवाह होकर आई ज्योतिकिशन कश्यप ने अपने जीवन में
पहली बार वर्ष 2014 में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा। इस चुनाव में लोगों ने उन्हें भरपूर समर्थन दिया और वे बहुत अधिक मतों से विजयी हुई। जिपं सदस्य के रूप में काम करते हुए स्नातक स्तर की शिक्षा ग्रहण करने वाली ज्योति बड़े चुनाव को लेकर एकदम फ्रैश चेहरा है, लेकिन उनकी सक्रियता की वजह से कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष भूपेश बघेल उनके मुरीद हुए हैं। बूथ स्तर से मिले सुझावों के आधार पर ज्योति को जांजगीर-चांपा विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतारे जाने की प्रबल गुंजाइश है।

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