चांपा. समाज के कथित ठेकेदार भले ही लाखों दांवे करें, लेकिन जमाना हमेशा से प्यार का दुश्मन रहा है। जब-जब दो प्यार करने वालों की चर्चा आम होती है, तब-तब लोग उन्हें अलग करने आगे आ ही जाते हैं। कुछ इसी तरह का वाक्या सोमवार को चांपा में हुआ। घरवालों की बेरूखी से एक प्रेमी जोड़े ने ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी।
पुलिस के अनुसार, घोघरानाला चांपा निवासी श्यामलाल यादव (23) और सुमीता केंवट (18) एक-दूसरे से प्रेम करते थे, लेकिन दोनों अलग-अलग जाति के थे। इस वजह से घरवाले उनके खिलाफ थे। पुलिस ने बताया कि करीब 25 दिन पहले सुमीता की मां ने श्यामलाल के पिता को समझाइश भी दी थी। इसके बावजूद, दोनों का प्रेम परवान चढ़ रहा था। इधर, सोमवार को सुबह करीब 10 बजे श्यामलाल और सुमीता चांपा के बेलदारपारा के पास स्थित फाटक पहुंचे और उन्होंने ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी। घटना की सूचना मिलते ही मृतक प्रेमी जोड़े के परिजन भी मौके पर पहुंचे। अपने कलेजे के टुकड़ों की रक्तरंजित लाश देखकर वो फूट-फूटकर रो रहे थे। कुछ लोगों का कहना है कि यदि जीते-जी दोनों के घर वाले मान जाते तो आज दोनों जिंदा होते। लोग अपनी औलाद के लिए दुनिया की हर सितम बर्दाश्त कर लेते हैं। ऐसे में अपने औलाद के लिए समाज के भय से उन्हें बलि की बेदी में चढ़ा देना कहां तक उचित है? फिलहाल, पुलिस ने पंचनामा के बाद दोनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सिक्ख समाज से लें प्रेरणा
चांपा में ही रविवार को सिक्ख समाज के एक युवक ने सिंधी समाज की युवती से प्रेम विवाह कर लिया। इस बात की जानकारी जब युवक-युवती के परिजनों को हुई, तब वो थोड़ा ना-नुकूर किए, लेकिन बाद में उनका प्रेम विवाह न केवल परिजनों ने स्वीकार किया, बल्कि समाज ने भी उस विवाह को मान्यता दी। दोनों पहले विवाह कर चुके थे, लेकिन बाद में गुरूद्वारा में भी रीति-रिवाज से उनका विवाह कराया गया। इसके बाद प्रीति भोज का आयोजन भी हुआ। ऐसे में लोगों को सिक्ख समाज से प्रेरणा लेनी चाहिए।

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