बुधवार, 25 अक्टूबर 2017

जनसमस्या निवारण शिविर मेें उस वक्त मच गया हडक़ंप, जब पूर्व सरपंच ने कलेक्टर से मांगी आत्महत्या की अनुमति

डोलकुमार निषाद@डभरा. ग्राम रेड़ा में बुधवार को आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में उस वक्त हडक़ंप मच गया, जब शिविर में पहुंचे ग्राम पंचायत साल्हे के पूर्व सरपंच ने कलेक्टर को पत्र सौंपकर आत्महत्या की अनुमति मांगी। इस दौरान पूर्व सरपंच ने कहा कि उसने अपने कार्यकाल के दौरान वर्ष 2009-10 में ग्राम साल्हे में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण करवाया था, जिसकी मजदूरी राशि 60 हजार रुपए का भुगतान सात साल बाद भी नहीं हुआ है, जबकि मजदूर अपनी बकाया राशि के लिए बार-बार तकादा कर रहे हैं। ऐसे में आत्महत्या के अलावा उसके पास और कोई विकल्प नहीं है। पूर्व सरपंच का आवेदन देखकर सकते में आए प्रशासनिक अफसरों ने उसे शीघ्र बकाया राशि दिलवाने का आश्वासन दिया है।

दरअसल, डभरा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत रेड़ा में बुधवार को जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर में कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन, जिला पंचायत सीईओ अजीत वसंत, डभरा एसडीएम बजरंग दुबे सहित जिला पंचायत सदस्य पिताम्बर पटेल, तुलसी साहू व सुखमति संवरा के साथ ही डभरा जनपद अध्यक्ष टुकेश्वरी मनोज पटेल उपस्थित थे। शिविर में जैसे से ग्रामीणों से आवेदन लेने की शुरूआत की गई, तभी ग्राम पंचायत साल्हे का पूर्व सरपंच ओमप्रकाश पटेल भी अपना आवेदन देने पहुंचा। आवेदन लेने वाले कर्मचारी ने जैसे ही उसके आवेदन को देखा, उसके होश उड़ गए। इसके बाद संबंधित कर्मचारी ने ओमप्रकाश के आवेदन को तत्काल कलेक्टर डॉ. भारतीदासन सहित अन्य अफसरों को दिखाया। वे भी आवेदन देखकर दंग रह गए। इसके बाद कुछ देर के लिए शिविर में शांति का माहौल निर्मित हो गया। ऐसी स्थिति निर्मित होने के पीछे की वजह जब तलाशी गई तो पता चला कि पूर्व सरपंच ओमप्रकाश पटेल ने अर्जी के जरिए कलेक्टर डॉ. भारतीदासन से आत्महत्या की अनुमति मांगी थी। 

जिला प्रशासन को दिए आवेदन में साल्हे के पूर्व सरपंच ओमप्रकाश पटेल ने लिखा था कि वर्ष 2009-10 में वह ग्राम साल्हे का सरपंच था। इस दौरान उसने गांव मेें अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कराया था, जिसकी मजदूरी राशि का भुगतान उसके द्वारा किया गया था। वहीं 60 हजार रुपए का मजदूरी भुगतान शेष है, जिसके संबंध में वह कई बार आवेदन दे चुका है। आवेदक ओमप्रकाश ने अपने आवेदन में आगे लिखा था कि बकाया मजदूरी राशि दिलवाने की मांग को लेकर वह डभरा एसडीएम तथा जनपद सीईओ को कई बार आवेदन दे चुका है। सिर्फ इतना ही नहीं, ग्राम गिरगिरा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर, ग्राम सुराज, लोक सुराज अभियान के साथ ही कलेक्टर जनदर्शन में भी उसने कई बार अपनी समस्या रखी है, लेकिन उसकी समस्या का निराकरण आज तक नहीं किया गया है। इस वजह से वह क्षुब्ध है। वहीं शेष मजदूरी राशि के भुगतान को मजदूरों द्वारा बार-बार तकादा किया जा रहा है। मजदूर गाली-गलौज तक कर रहे हैं, जिससे व्यथित होकर वह इस जनसमस्या निवारण शिविर में आत्महत्या करना चाहता है। बहरहाल, पूर्व सरपंच ओमप्रकाश के आवेदन को गंभीरता से लेते हुए शिविर में मौजूद प्रशासनिक अफसरों ने शीघ्र उचित पहल करने का आश्वासन दिया है। अफसरों से मिले आश्वासन के आधार पर फिलहाल उसने अपना फैसला स्थगित कर दिया है।
 

दिया गया है आश्वासन

ग्राम पंचायत साल्हे के पूर्व सरपंच ओमप्रकाश के आवेदन को गंभीरता से लेते हुए उसे जल्द बकाया राशि दिलवाने का आश्वासन दिया गया है। मामले में शीघ्र उचित पहल की जाएगी।

-बजरंग दुबे, एसडीएम, डभरा

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