राजेंद्र राठौर@जांजगीर-चांपा. जिले के डभरा क्षेत्र के ग्राम बाड़ादरहा में स्थापित डीबी पावर के तानाशाही रवैये में कोई परिवर्तन दिखाई नहीं दे रहा है। प्रबंधन को न तो नियम-कानूनों की परवाह है और न ही किसानों के हित की चिंता। ऐसे में प्लांट से प्रभावित किसानों ने डीबी के बाड़ादरहा स्थित पावर प्लांट जाने के लिए बन रही रेल लाइन के कार्य को रोक दिया है। किसानों का कहना है कि यह अनिश्चितकालीन रोक एवं भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी, जब तक उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिल जाता।
ज्ञात हो कि ग्राम बाड़ादरहा स्थित डीबी पावर प्लांट तक कोयला आयरन परिवहन के लिए खरसिया विकासखंड के ग्राम छोटे डूमरपाली, रजघट्टा, कुनकुनी, चपले, बेंदोझरिया, खैरपाली, फूलबंधिया, सोण्डका, बासनपाली से होकर रेलवे कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जिसे प्रभावित किसानों ने बाधित कर दिया है। किसानों का कहना है कि पहले तो उन्हें प्लांट में नौकरी का आश्वासन एवं मुआवजा देने की बात कही गई थी, परंतु नौकरी ना मिलने की स्थिति में एकमुश्त पांच लाख रुपए मुआवजा दिए जाने की बात क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि के सामने मौखिक रूप से उद्योग प्रबंधन ने कही थी, जिसके लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र रायगढ़ द्वारा डीबी पावर को निर्देशित भी किया जा चुका है, परंतु छह माह से अधिक बीत जाने पर भी प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि प्राप्त नहीं हुई है।
किसानों ने जिलाधीश के जनदर्शन में भी इस बाबत अपनी शिकायत पहुंचाई थी, लेकिन डीबी पावर, प्रभावित किसानों के साथ छलपूर्वक थोड़ी समय बीत जाने के बाद पुन: रेलवे कॉरिडोर का निर्माण करवा रहा है। किसानों ने बताया कि ग्राम फूलबंधिया के घनश्याम, सोनसाय, दिलीप, मेघलाल, दयाराम, बंशीलाल आदि किसानों ने खरसिया के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत भी कराया था, लेकिन प्लांट प्रबंधन द्वारा न तो किसानों के हितों की परवाह की जा रही है और न ही प्रशासनिक आदेशों का पालन किया जा रहा है। ऐसे में प्रभावित किसानों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल प्रारंभ कर रेलवे कॉरिडोर के कार्य को रोक दिया है।


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